विविध धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों में उमड़ा जनसैलाब; सुबह से शाम तक बधाई देने वालों का लगा रहा तांता

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष एवं महामंडलेश्वर राजेश्री महन्त रामसुन्दर दास जी महाराज का जन्मोत्सव शनिवार को श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर राजधानी रायपुर के ऐतिहासिक श्री दूधाधारी मठ में सुबह से लेकर देर शाम तक महाराज जी को बधाई एवं शुभकामनाएं देने वालों का तांता लगा रहा।
मठ-मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना
जन्मोत्सव के अवसर पर प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी प्रातः 7:00 बजे से विशेष धार्मिक अनुष्ठान प्रारंभ हुए। श्री दूधाधारी मठ परिसर स्थित भगवान श्री बालाजी, संकट मोचन हनुमान जी, राम पंचायतन तथा श्री स्वामी बलभद्र दास जी महाराज के समाधि स्थल सहित सभी देवालयों में विशेष पूजा-अर्चना एवं महाआरती की गई। इस पावन बेला में बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्तों ने उपस्थित होकर दर्शन-लाभ लिया।
गौ-सेवा और विशाल भंडारा
मठ में संचालित गौशाला में इस अवसर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहाँ गोवंश की पूजा कर उन्हें फल, मिष्ठान और हरा चारा खिलाया गया। दोपहर को भगवान के भोगोपरांत विशाल भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ-साथ दूर-दराज से आए हजारों भक्तों ने प्रसादी ग्रहण की। इसके अतिरिक्त, रावण भाटा और डिज्नीलैंड मेला आयोजन समिति द्वारा भी महाराज जी के जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में पृथक से भव्य भंडारे का आयोजन किया गया।
विशिष्ट जनों और सामाजिक संगठनों ने दी बधाई
महाराज जी को दीर्घायु का आशीर्वाद देने के लिए शिक्षा, साहित्य, सामाजिक एवं सांस्कृतिक जगत से जुड़ी कई विभूतियाँ मठ पहुँचीं। बधाई देने वालों में मुख्य रूप से:
छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश टी. पी. शर्मा एवं उनके सहयोगी
वर्ल्ड ब्राह्मण फाउंडेशन के सदस्य
छत्तीसगढ़ दशनाम गोस्वामी समाज के पदाधिकारी
विभिन्न महिला मानस मंडलियाँ तथा अनेक शैक्षणिक संस्थानों के प्राचार्य व शिक्षक गण शामिल रहे।
प्रेस क्लब में आत्मीय स्वागत एवं बच्चों में उत्साह
रायपुर प्रेस क्लब द्वारा भी महाराज जी के सम्मान में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहाँ पत्रकारों और पदाधिकारियों ने अत्यंत आत्मीयता के साथ उनका स्वागत कर शुभकामनाएं दीं। वहीं, जन्मोत्सव को लेकर मठपारा के बच्चों में भी भारी उत्साह देखा गया। महाराज जी ने सभी बच्चों से बेहद स्नेहपूर्वक मुलाकात की और उन्हें मिठाई व प्रसाद वितरित किया।
देर रात तक श्री दूधाधारी मठ में महाराज जी के शुभचिंतकों और अनुयायियों के आने का क्रम निरंतर जारी रहा, जिससे पूरा परिसर उत्सव के रंग में डूबा नजर आया।
