माधव एक्सप्रेस की खबर का असर
खेड़ाखजूरिया। उज्जैन जिले की महिदपुर एवं झारड़ा तहसील के विभिन्न गेहूं उपार्जन केंद्रों पर लंबे समय से परिवहन व्यवस्था प्रभावित होने के कारण हजारों क्विंटल गेहूं खुले आसमान के नीचे पड़ा हुआ था। ट्रांसपोर्टरों की लापरवाही और वाहनों की कमी के चलते समय पर गेहूं का उठाव नहीं हो पा रहा था, जिससे अनाज की गुणवत्ता खराब होने लगी थी तथा बारदानों के फटने की समस्या भी सामने आ रही थी।
स्थिति यह थी कि खरीफ सीजन नजदीक होने के बावजूद क्षेत्र के सैकड़ों किसानों का भुगतान पिछले करीब एक महीने से अटका हुआ था। भुगतान नहीं मिलने से किसान आर्थिक संकट से जूझ रहे थे, वहीं खरीदी केंद्र संचालकों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
इस गंभीर समस्या को लेकर माधव एक्सप्रेस ने 23 मई के अंक में प्रमुखता से समाचार प्रकाशित कर प्रशासन और जिम्मेदार अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया था। समाचार प्रकाशित होने के बाद प्रशासन सक्रिय हुआ और उपार्जन केंद्रों पर रखे गेहूं के परिवहन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।
परिवहन शुरू होने से किसानों और खरीदी केंद्र संचालकों ने राहत की सांस ली है। कृषि उपमंडी खेड़ाखजूरिया परिसर में समूह संचालिका छाया चौधरी ने बताया कि सोमवार को तीन गाड़ियां तथा मंगलवार को छह गाड़ियां गेहूं भरकर रवाना की गईं। वहीं ग्रामको वेयरहाउस के श्याम सिंह के अनुसार सोमवार को तीन तथा मंगलवार को चार गाड़ियां गेहूं लेकर रवाना हुईं।
उपार्जन केंद्र संचालकों का कहना है कि अभी भी बड़ी मात्रा में गेहूं केंद्रों के बाहर रखा हुआ है। ऐसे में परिवहन वाहनों की संख्या और बढ़ाई जाना आवश्यक है, ताकि बारिश से पहले पूरा गेहूं सुरक्षित गोदामों तक पहुंचाया जा सके और किसानों को शीघ्र भुगतान मिल सके।
किसानों एवं खरीदी केंद्र संचालकों ने जनहित से जुड़े इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाने और प्रशासन को सक्रिय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने पर माधव एक्सप्रेस का आभार व्यक्त किया है।
