Aaj ka Panchang 19 August 2026: सावन शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि आज, नोट करें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और पूरा पंचांग
Spread the loveAaj ka Panchang 19 August 2026: हिंदू धर्म में पंचांग का...
Spread the loveAaj ka Panchang 19 August 2026: हिंदू धर्म में पंचांग का...
Spread the loveAaj ka Rashifal 19 August 2026: आज चंद्रमा का वृश्चिक राशि...
Spread the loveआधार-ओटीपी सत्यापन के बाद मिलेगा QR कोड वाला उर्वरक टोकन...
~प्रधान मंत्री के निवेदन का सम्मान करने, भारत के निष्क्रिय सोने को सक्रिय करने और आयात पर निर्भरता कम करने की दिशा में ‘राष्ट्र-प्रथम’ पहल
पुणे: वर्ष 1832 में स्थापित पीएनजी ज्वैलर्सने आज ‘स्वर्णस्वराज’ पहल की घोषणा की। यहएक ‘राष्ट्र-प्रथम’ अभियानहै, जिसका उद्देश्य भारतीय घरों में निष्क्रिय पड़े विशाल स्वर्ण भंडार को आर्थिक प्रवाह में लाना, देश की सोने के आयात पर निर्भरता को कम करना तथा देशभर में सोने के स्वामित्व और उपभोग के अधिक जिम्मेदार एवं जागरूक तरीकों को बढ़ावा देना है।
यह पहल माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा भारतीयों से सोने की खरीद में संयम रखने की गई अपील को स्वीकार करते हुए, राष्ट्रहित की भावना से पीएनजी ज्वेलर्स द्वारा दिया गया एक स्वैच्छिक और जिम्मेदार जवाब है। यह केवल एक व्यवसाय की प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि पिछले 194 वर्षों से भारतीय परिवारों के साथ जुड़ी एक संस्था की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
इन 194 वर्षों की यात्रा में पीएनजी ज्वैलर्स ने ‘महामंदी’ (Great Depression), दो विश्व युद्धों, स्वतंत्रता संग्राम, देश के विभाजन और वैश्विक महामारी जैसे अनेक चुनौती पूर्ण दौरों में राष्ट्र के साथ मजबूती से खड़े रहकर अपनी प्रतिबद्धता निभाई है।
इस ब्रांड के ग्राहक केवल कुछ दशकों में विकसित हुआ उपभोक्ता वर्ग नहीं हैं, बल्कि वे पीढ़ियों से जुड़े उस विस्तृत पारिवारिक और सामाजिक संबंध का हिस्सा हैं, जो समय के साथ एक समृद्ध विरासत के रूप में विकसित हुआ है। ‘स्वर्ण स्वराज’ पहल इसी गहरे विश्वास, साझेदारी और अटूट रिश्ते की मजबूत नींव पर आधारित है।
भारतीय घरों में संग्रहित अनुमानित 25,000 टन से अधिक सोना आज भी देश की एक बड़ी संपत्ति है। लेकिन इसका एक बड़ा हिस्सा लॉकरों, पारिवारिकतिजोरियों और विरासत में मिले आभूषणों तक ही सीमित रह गया है। सोने की चमक कम नहीं हुई है, लेकिन देश की अर्थव्यवस्था तक उसका प्रवाह रुक गया है।
इसी निष्क्रिय स्वर्ण संपदा को परिवारों और राष्ट्रहित में पुनः सक्रिय बनाकर अर्थव्यवस्था की मुख्य धारा से जोड़ने के उद्देश्य से पीएनजी ज्वेलर्स ‘स्वर्ण स्वराज’ पहल चला रहा है।
इस अभियान पर टिप्पणी करते हुए चेयर मैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. सौरभ गाडगिल ने कहा,
“जब हमारे माननीय प्रधानमंत्री राष्ट्र के हित में कोई आह्वान करते हैं, तो हम उसका उत्तर केवल एक रिटेलर के रूप में नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार संस्था के रूप में देते हैं। पिछले 194 वर्षों से यह ब्रांड भारतीय परिवारों के जीवन का अभिन्न हिस्सा रहा है। विवाह, उत्सव और जीवन के अनेक महत्वपूर्ण अवसरों पर हमें उनके विश्वास और स्नेह का सहभागी बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है।
आज हम उसी भरोसे और विश्वास को एक व्यापक राष्ट्रीय उद्देश्य की दिशा में आगे बढ़ाने का आह्वान कर रहे हैं। भारत का सोना भारत की सीमाओं के भीतर ही सक्रिय और गतिशील रहना चाहिए। यह एक ऐसा सरल, सार्थक और प्रभावशाली कदम है, जिसे हम सभी मिलकर साकार कर सकते हैं।”
‘स्वर्णस्वराज’ कीछहप्रतिबद्धताएँ
1. पुराने सोने का विनिमय (Old Gold Exchange): “अपने सोने को नई गति दें”
पीएनजी ज्वैलर्स देशभर में अपने सभी शोरूम और फ्रैंचाइज़ी आउटलेट्स पर विशेष ‘गोल्ड रीसर्कुलेशन काउंटर’ स्थापित करेगा। इस पहल के तहत ग्राहकों को आमंत्रित किया जाएगा कि वे अपने पुराने, अनुपयोगी, टूटे हुए अथवा पुश्तैनी आभूषण को फिर से आर्थिक प्रवाह का हिस्सा बनाने के लिए इस पहल से जुड़ने का आह्वान किया जाएगा।
लाए गए प्रत्येक आभूषण की जाँच पूर्ण पारदर्शिता के साथ मौके पर ही की जाएगी। इस कार्यक्रम के अंतर्गत प्राप्त सोने को परिष्कृत (रिफाइन) कर पुनः घरेलू आभूषण बाजार में उपयोग के लिए लाया जाएगा, जिससे नए आयातित सोने की आवश्यकता को सीधे तौर पर कम करने में सहायता मिलेगी।
इस पहल में भाग लेने वाले प्रत्येक ग्राहक को एक स्मृति-चिह्न स्वरूप ‘स्वर्ण स्वराज प्रमाणपत्र’ प्रदान किया जाएगा। यह प्रमाणपत्र न केवल उनके परिवार के हित में, बल्कि राष्ट्रहित में दिए गए योगदान का सम्मानपूर्वक प्रतीक होगा।
2. शादी-ब्याह और त्योहारों की खरीदारी में कम कैरेट सोने को प्रोत्साहन
भारत में 22 कैरेट सोने के प्रति लगाव हमारी सांस्कृतिक परंपराओं और पीढ़ियों से चली आ रही भावनात्मक विरासत का हिस्सा है, और पीएनजी ज्वैलर्स इस भावना का पूर्ण सम्मान करता है। हालांकि, देश के बढ़ते स्वर्ण आयात बिल की आर्थिक वास्तविकता यह संकेत देती
है कि सोने के प्रति इस पारंपरिक प्रेम को व्यक्त करने के तरीकों में धीरे-धीरे और स्वैच्छिक रूप से संतुलित बदलाव लाने की आवश्यकता है।
18 कैरेट सोने के आभूषणों में शुद्ध सोने की मात्रा अपेक्षाकृत कम होती है, जबकि उनकी डिज़ाइन गुणवत्ता, कारीगरी और सौंदर्य 22 कैरेट आभूषणों के समान ही आकर्षक और उत्कृष्ट रहते हैं। इसी दृष्टिकोण के साथ पीएनजी ज्वैलर्स अपने 18 कैरेट कलेक्शन का व्यापक विस्तार और सक्रिय प्रचार करेगा।
ब्रांड डिज़ाइन नवाचार, जागरूकता अभियानों और ग्राहकों के साथ पारदर्शी संवाद के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास करेगा कि 18 कैरेट सोने का चयन किसी प्रकार का समझौता नहीं, बल्कि एक जागरूक, व्यावहारिक और जिम्मेदार निर्णय है।
3. ‘लाइटस्टाइलबायपीएनजी’ (Litestyle by PNG) के अंतर्गत 14 कैरेट और 9 कैरेट के हल्के एवं दैनिक उपयोग के आभूषण
भारत जैसे देश में, जहाँ सोना केवल निवेश का माध्यम नहीं बल्कि दैनिक जीवन और परंपराओं का भी अभिन्न हिस्सा है, वहाँ स्वर्ण आयात को संतुलित करने का सबसे बड़ा अवसर रोज़मर्रा में पहने जाने वाले आभूषणों के क्षेत्र में निहित है। 14 कैरेट और 9 कैरेट के आभूषणों में पारंपरिक 22 कैरेट गहनों की तुलना में कम मात्रा में सोने का उपयोग होता है। साथ ही, ये आभूषण स्वाभाविक रूप से हल्के, सुविधाजनक और आधुनिक जीवनशैली के अनुरूप होते हैं, जो विशेष रूप से युवा भारतीय ग्राहकों को आकर्षित कर रहे हैं।
इसी दृष्टि से ‘लाइटस्टाइलबायपीएनजी’ (Litestyle by PNG) अपने 14 कैरेट और 9 कैरेट कलेक्शन का विस्तार करेगा। ब्रांड इन आभूषणों को परंपरागत मूल्यों से समझौते के रूप में नहीं, बल्कि भारतीय परंपरा के आधुनिक और व्यावहारिक स्वरूप के रूप में प्रस्तुत करेगा।
कम मात्रा में, लेकिन नियमित रूप से सोना पहनने की यह सोच एक ऐसा व्यावहारिक और सार्थक कदम है, जिसके माध्यम से भारत का प्रत्येक परिवार देश की स्वर्ण आयात पर निर्भरता को कम करने में योगदान दे सकता है।
4. सामुदायिकसंवाद
पीएनजी ज्वेलर्स की सबसे बड़ी ताकत पीढ़ियों से कायम ग्राहकों का विश्वास है। ‘स्वर्ण स्वराज’ के अंतर्गत सहकारी गृहनिर्माण संस्थाओं, गणेश मंडलों, महिला मंडलों और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महाराष्ट्र सहित देशभर में संवाद सत्र आयोजित किए जाएंगे।
इस पहल का उद्देश्य केवल एक जागरूकता अभियान चलाना नहीं है, बल्कि सोने और उससे जुड़ी समझ को लेकर ईमानदार, सार्थक और जानकारी पूर्ण बातचीत को बढ़ावा देना है| ऐसी बातचीत, जिसे 194 वर्षों की विरासत और गहरे विश्वास वाले पीएनजी जैसे प्रतिष्ठित ब्रांड ही विश्वसनीयता के साथ आगे बढ़ा सकते हैं।
5. ज़िम्मेदारउपभोगकीदिशामेंएकदीर्घकालिकसांस्कृतिकबदलाव
‘स्वर्ण स्वराज’ केवल एक अल्पकालिक अभियान नहीं, बल्कि सोने के उपयोग, स्वामित्व और उसके महत्व को देखने के दृष्टिकोण में सकारात्मक बदलाव लाने का पीएनजी ज्वेलर्स का दीर्घकालिक प्रयास है
ग्राहकों द्वारा सोने की खरीद और उपयोग अधिक समझदारी एवं जिम्मेदारी के साथ किया जाए, इसके लिए पीएनजी ज्वेलर्स विभिन्न माध्यमों के जरिए लगातार जनजागरूकता और संवाद अभियान चलाएगा।
6. उद्योगहित में सक्रिय पहल
भारत के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित आभूषण संस्थानों में से एक होने के नाते, पीएनजी ज्वैलर्स का मानना है कि भारत की स्वर्ण अर्थव्यवस्था में आवश्यक संरचनात्मक बदलाव केवल किसी एक ब्रांड के प्रयासों से संभव नहीं हैं।
इसी सोच के साथ, पीएनजी ज्वैलर्स उद्योग संगठनों और नीति-निर्माताओं के साथ सक्रिय संवाद को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि घरेलू सोने के पुनःउपयोग को अधिक प्रभावी, उपभोक्ता हितैषी और आयात शुल्क में होने वाले बदलावों से उत्पन्न ग्रे मार्केट के दबावों के प्रति अधिक संतुलित बनाया जा सके।
194 वर्षों की समृद्ध विरासत के साथ, पीएनजी ज्वैलर्स यह मानता है कि स्थायी आर्थिक परिवर्तन केवल अच्छे इरादों से नहीं, बल्कि संतुलित नीतियों और सामूहिक प्रयासों से संभव होते हैं। यही कारण है कि ब्रांड इस विषय पर जागरूकता, संवाद और सकारात्मक बदलाव को आगे बढ़ाने के लिए हर महत्वपूर्ण मंच पर अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध है।
