अबू धाबी,। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को अपने पांच देशों के दौरे के पहले चरण में संयुक्त अरब अमीरात पहुंचकर भारत-यूएई संबंधों को नई मजबूती दी। अबू धाबी पहुंचने पर यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने उनका भव्य स्वागत किया। यूएई वायुसेना के एफ-16 लड़ाकू विमानों ने प्रधानमंत्री मोदी के विमान को एस्कॉर्ट किया, जिसे प्रधानमंत्री ने भारत के लिए सम्मान बताया। इस दौरे के दौरान दोनों नेताओं के बीच हुई प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता में रक्षा, ऊर्जा, निवेश और समुद्री सुरक्षा जैसे कई अहम मुद्दों पर सहमति बनी। भारत और यूएई ने रणनीतिक रक्षा साझेदारी को मजबूत करने के लिए एक नए फ्रेमवर्क पर सहमति जताई। इसके अलावा रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व स्थापित करने तथा भारत को लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। गुजरात के वाडिनार में जहाजों की मरम्मत के लिए एक विशेष क्लस्टर विकसित करने पर भी सहमति बनी है। माना जा रहा है कि इन समझौतों से भारत की ऊर्जा सुरक्षा और समुद्री ढांचे को नई मजबूती मिलेगी। 5 अरब डॉलर निवेश का ऐलान यूएई की ओर से भारतीय बुनियादी ढांचे, आरबीएल बैंक और सम्मान कैपिटल में कुल 5 अरब अमेरिकी डॉलर निवेश की घोषणा की गई। यह निवेश भारत के वित्तीय और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में पूंजी प्रवाह बढ़ाने के लिहाज से अहम माना जा रहा है। भारतीय निर्यात संगठनों के महासंघ (एफआईईओ) ने भी इस दौरे को भारत-यूएई व्यापारिक संबंधों के लिए महत्वपूर्ण बताया है। पश्चिम एशिया में शांति पर भारत का जोर प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम एशिया में जारी तनाव और यूएई पर हुए हमलों की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि भारत हर परिस्थिति में संयुक्त अरब अमीरात के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहेगा। उन्होंने कहा कि “यूएई को जिस तरह निशाना बनाया गया, वह पूरी तरह अस्वीकार्य है। कठिन परिस्थितियों में आपने जो संयम और साहस दिखाया है, वह प्रशंसनीय है।” प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत हमेशा समस्याओं के समाधान के लिए संवाद और कूटनीति को प्राथमिकता देता है। उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य को स्वतंत्र, खुला और सुरक्षित बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन अनिवार्य है। पांच देशों के दौरे की शुरुआत यूएई दौरे के साथ प्रधानमंत्री मोदी ने अपने एक सप्ताह लंबे विदेश दौरे की शुरुआत की है। इस दौरान वह नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली का भी दौरा करेंगे। इस यात्रा का उद्देश्य व्यापार, प्रौद्योगिकी, ऊर्जा सुरक्षा, नवाचार और हरित विकास के क्षेत्रों में भारत की वैश्विक साझेदारियों को और मजबूत करना है।
