“राज्य स्थापना दिवस छत्तीसगढ़ महतारी की अस्मिता, संस्कृति और स्वाभिमान का पर्व” – मंत्री राजवाड़े
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चेन्नई,। तमिलनाडु के इरोड में आयोजित एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस और डीएमके पर तीखा हमला बोला। उन्होंने लोकसभा में महिला आरक्षण संशोधन विधेयक के खिलाफ मतदान को लेकर दोनों पार्टियों पर महिलाओं के साथ “विश्वासघात” करने का आरोप लगाया। केंद्रीय मंत्री शाह ने कहा कि पीएम नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार महिलाओं को उनका अधिकार दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है और विपक्ष की किसी भी “साजिश” को सफल नहीं होने देगी। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और द्रविड़ मुनेत्र कषगम ने संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को आरक्षण से वंचित करने का काम किया है। चुनावी सभा में शाह ने यह भी कहा कि तमिलनाडु के लिए लोकसभा सीटों में वृद्धि का अवसर था, लेकिन 2026 की जनगणना के आधार पर सीटों के पुनर्निर्धारण की मांग कर कांग्रेस और डीएमके राज्य की सीटें कम करने की साजिश रच रही हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि आगामी चुनावों के बाद ई.के. पलानीस्वामी के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सरकार राज्य में बनेगी। यहां पर परिवारवाद के मुद्दा उठाते हुए शाह ने सत्तारूढ़ डीएमके को घेरा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन का ध्यान शासन से अधिक अपने बेटे उदयनिधि स्टालिन को आगे बढ़ाने पर है। शाह ने कहा कि “पहले करुणानिधि, फिर स्टालिन और अब उनका बेटा—ऐसी वंशवादी राजनीति तमिलनाडु ही नहीं लोकतंत्र के लिए भी ठीक नहीं है।” केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने राज्य में कानून-व्यवस्था और कथित भ्रष्टाचार के मुद्दों को लेकर भी डीएमके सरकार की आलोचना की। उन्होंने दावा किया कि यदि राज्य में अन्नाद्रमुक और भाजपा की सरकार बनती है, तो भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाया जाएगा और कानून-व्यवस्था में सुधार होगा। शाह ने अपने संबोधन के अंत में कहा कि केंद्र सरकार तमिलनाडु की “खोई हुई गरिमा” को वापस लाने के लिए प्रतिबद्ध है और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में राज्य के विकास को नई दिशा दी जाएगी।
