नई दिल्ली,। भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर की 136वीं जन्म जयंती के अवसर पर देशभर में श्रद्धा और सम्मान के साथ कार्यक्रम आयोजित किए गए। राजधानी दिल्ली में संसद परिसर स्थित ‘प्रेरणा स्थल’ पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने बाबा साहेब को पुष्पांजलि अर्पित की। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में कई गणमान्य व्यक्ति, नेता और बड़ी संख्या में आम नागरिक शामिल हुए। संसद परिसर स्थित प्रेरणा स्थल को विशेष रूप से सजाया गया था और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। आंबेडकर जयंती के अवसर पर आम जनता के लिए भी इस स्थल के द्वार खोल दिए गए, जिसके चलते सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। हजारों लोगों ने पहुंचकर संविधान निर्माता बाबा साहिब भीमराव आंबेडकर को नमन किया और उनके योगदान को याद किया। कार्यक्रम के दौरान एक खास पल तब देखने को मिला जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मल्लिकार्जुन खड़गे आमने-सामने आए। दोनों नेताओं के बीच हुई मुलाकात और हल्की-फुल्की बातचीत ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। मुस्कुराहट और सहज संवाद ने यह संदेश दिया कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद आपसी सम्मान और संवाद की परंपरा कायम है। हर वर्ष की तरह इस बार भी आंबेडकर जयंती पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। स्कूलों, कॉलेजों और सरकारी संस्थानों में विशेष सभाएं हुईं, जहां बाबा साहेब के विचारों और उनके योगदान पर चर्चा की गई। डॉ. अंबेडकर को भारतीय संविधान का शिल्पकार माना जाता है, जिन्होंने सामाजिक समानता, न्याय और अधिकारों के लिए अपना जीवन समर्पित किया। उनकी जयंती न केवल एक स्मरण दिवस है, बल्कि समाज को उनके आदर्शों पर चलने की प्रेरणा भी देती है।
