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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पुनर्वास केंद्र का किया अवलोकन, पुनर्वासितों से किया आत्मीय संवाद
मोबाइल, आवास की चाबी और नियुक्ति पत्र का वितरण, ‘पुनर्वास से विकास तक’ कॉफी टेबल बुक का विमोचन
रायपुर, 13 अप्रैल 2026


नक्सल आतंक से लंबे समय तक प्रभावित रहे सुकमा में अब शांति, विश्वास और विकास की नई तस्वीर उभर रही है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सुकमा जिला मुख्यालय स्थित पुनर्वास केंद्र का दौरा कर वहां संचालित पुनर्वास एवं कौशल विकास गतिविधियों का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने पुनर्वासित लोगों से आत्मीय संवाद कर उनके अनुभव जाने और उन्हें मुख्यधारा से जुड़कर नया जीवन प्रारंभ करने के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार भटके हुए लोगों को मुख्यधारा से जोड़कर उन्हें सम्मानजनक जीवन, रोजगार और आगे बढ़ने के समान अवसर देने के लिए दृढ़संकल्पित है। उन्होंने कहा कि पुनर्वासितों की आंखों में दिखता आत्मविश्वास इस बात का प्रमाण है कि यदि सही अवसर और मार्गदर्शन मिले, तो हर भटका हुआ कदम नई दिशा और नया जीवन प्राप्त कर सकता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार की प्रभावी नक्सल पुनर्वास नीति के चलते सुकमा सहित बस्तर क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। अब तक 2392 नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ने का निर्णय लिया है, जिनमें से 361 पुनर्वासितों ने नया जीवन प्रारंभ कर आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल पुनर्वास तक सीमित नहीं है, बल्कि इन नागरिकों को सम्मानजनक जीवन, स्थायी रोजगार और समाज में बराबरी का अवसर प्रदान करना है। पुनर्वास केंद्र में राजमिस्त्री, कपड़ा सिलाई, कृषि उद्यमिता और वाहन चालक जैसे विभिन्न ट्रेडों में कौशल विकास प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 में अब तक 307 हितग्राहियों को प्रशिक्षण दिया गया है, वहीं मुख्यधारा में लौटे 313 युवाओं को प्रतिमाह 10 हजार रुपये का स्टाइपेंड भी प्रदान किया जा रहा है। जिला प्रशासन द्वारा 107 पुनर्वासित हितग्राहियों को मोबाइल फोन वितरित किए गए हैं, जिससे वे डिजिटल और संचार माध्यमों से जुड़कर आधुनिक जीवनशैली की ओर अग्रसर हो सकें। विशेष रूप से 115 महिलाएं प्रशिक्षण एवं तकनीकी सहयोग के माध्यम से आत्मनिर्भरता की नई मिसाल प्रस्तुत कर रही हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों के आश्रितों को भी राहत प्रदान करते हुए अनुकंपा नियुक्ति के तहत पुलिस विभाग में 20 तथा जिला प्रशासन द्वारा 95 लोगों को शासकीय सेवा में रोजगार के अवसर दिए गए हैं।
कार्यक्रम के दौरान ग्राम ढोंडरा कोंटा निवासी मौसम संजना, नागारास जगरगुंडा निवासी भरत कुमार हेमला सहित अन्य हितग्राहियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। इसके अतिरिक्त शिक्षा विभाग के अंतर्गत 10 नव नियुक्त शिक्षकों को भी नियुक्ति पत्र वितरित किए गए।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय ने पुनर्वासित हितग्राहियों को मोबाइल, राजमिस्त्री किट, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास की चाबियां तथा पूर्णता प्रमाण पत्र वितरित किए। इस अवसर पर 25 हितग्राहियों को आवास की चाबी सौंपकर उन्हें सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री ने नक्सल पुनर्वास की सफलता की प्रेरणादायक कहानियों को दर्शाती ‘बदलते सुकमा की बदलती तस्वीर: पुनर्वास से विकास तक’ कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया। साथ ही, पुनर्वास केंद्र के कला केंद्र में कलाकारों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि यह परिवर्तन केवल भौतिक नहीं, बल्कि सामाजिक और मानसिक बदलाव का भी प्रतीक है।
कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, सांसद बस्तर श्री महेश कश्यप सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
