यूनिसेफ एवं अग्रिकोंन फाउंडेशन के तत्वावधान में बच्चों से लेकर जनप्रतिनिधियों तक ने ली बाल विवाह मुक्त ग्राम की शपथ
सूरजपुर,
कलेक्टर श्री एस. जयवर्धन के निर्देशन एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के मार्गदर्शन में ब्लॉक भैयाथान के ग्राम पंचायत दनौलीखुर्द में बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के अंतर्गत यूनिसेफ एवं अग्रिकोन फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में जागरूकता रैली का सफल आयोजन किया गया। इस अभियान ने गाँव के बच्चों से लेकर जनप्रतिनिधियों तक सभी को एकजुट कर बाल विवाह के विरुद्ध एक सशक्त संदेश दिया।
बच्चों ने चित्रकारी से दिया जागरूकता का संदेश
रैली की सबसे प्रेरणादायी झलक रही गाँव के छोटे-छोटे बच्चों की सक्रिय भागीदारी, जिन्होंने बाल विवाह के विरुद्ध भावपूर्ण चित्र बनाकर जागरूकता रैली को जीवंत और प्रभावशाली बनाया। बच्चों की इस पहल ने उपस्थित ग्रामीणों को गहराई से प्रभावित किया।
शपथ एवं कानूनी जानकारी
ग्राम पंचायत सरपंच, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन और युवोदय स्वयंसेवकों ने मिलकर बाल विवाह मुक्त ग्राम बनाने की शपथ ली। इस अवसर पर प्रतिभागियों को बताया गया कि कानूनी रूप से लड़की की न्यूनतम विवाह आयु 18 वर्ष एवं लड़के की 21 वर्ष निर्धारित है। इससे कम आयु में विवाह करना कानूनन अपराध है, जिसमें 2 वर्ष की जेल और 1 लाख रुपए जुर्माने का प्रावधान है।
घर-घर तक पहुँचा जागरूकता का संदेश
रैली के दौरान प्रतिभागियों ने गाँव में भ्रमण कर घर-घर जाकर बाल विवाह मुक्त पोस्टर वितरित किए और जोशपूर्ण नारे लगाए —
“लड़की-लड़के की शादी कब? 18-21 साल पूरा हो तब”
“हम सबने ठाना है, बाल मुक्त छत्तीसगढ़ बनाना है”
“बंद करो, बंद करो — बाल विवाह बंद करो”
कार्यक्रम के अंत में सभी सदस्यों को बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ की शपथ दिलाई गई।
इस कार्यक्रम में यूनिसेफ के जिला समन्वयक श्री हितेश निर्मलकर, ब्लॉक समन्वयक श्री अक्सेन गुर्जर, युवोदय स्वयंसेवक श्री मनीष कुशवाहा, सरपंच श्रीमती सपना सिंह, उपसरपंच श्री सोहन राम राजवाड़े, पूर्व सरपंच श्री कुंवर सिंह, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, बिहान की कार्यकर्ता एवं मितानिन कार्यकर्ताओं का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।
