रामायणम्’ की भव्यता से प्रभावित हुए एस.एस. राजामौली, नितेश तिवारी और नमित मल्होत्रा को दीं शुभकामनाएँ
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Spread the love इंदौर, 17 अक्टूबर 2026 ।...
रामनवमी एक जीवन को सही दिशा देने वाला महान अवसर है या दिन भगवान राम के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है जिन्हें मर्यादा पुरुषोत्तम कहा जाता है भगवान श्री राम का जीवन युवाओं के जीवन में आदर्श के लिए अत्यंत प्रासंगिक है भगवान राम का जीवन सत्य धर्म और मर्यादा का प्रतीक है आज युवाओं के जीवन में अनेक प्रकार के प्रलोभन और चुनौतियां होती हैं ऐसे में भगवान राम का जीवन उन्हें सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा एवं दिशा देता है राम ने अपने परिवार गुरु और समाज के प्रति अनेक कर्तव्यों को सर्वोपरि रखा है साथ ही राम सदैव अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहे चाहे कैसी भी परिस्थितियों सामने रही होरामनवमी युवाओं के लिए सिर्फ पूजा का दिन नहीं, बल्कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के आदर्शों अनुशासन, त्याग, साहस और कर्तव्यनिष्ठा को अपने जीवन में उतारने का पर्व है। यह दिन सिखाता है कि सफलता पाने के लिए कठिन परिस्थितियों में भी सही रास्ते पर चलना और परिवार व समाज के प्रति जिम्मेदार होना क्यों जरूरी है।
युवाओं के लिए रामनवमी का महत्व और सीख राम ने जीवनभर मर्यादाओं का पालन किया। आज के युवाओं के लिए, जो अक्सर डिजिटल दुनिया में भटक जाते हैं, राम का संयमित जीवन एक प्रकाश स्तंभ की तरह है। राजा के रूप में प्रजा का कल्याण और पुत्र के रूप में पिता का वचन निभाने वाले राम, युवाओं को अपने कर्तव्यों (पढ़ाई, करियर, परिवार) को ईमानदारी से पूरा करने की प्रेरणा देते हैं। रावण (बुराई/अहंकार) का अंत कर राम ने साबित किया कि सत्य और धर्म की ही जीत होती है। यह युवाओं को निराशा छोड़कर आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की सीख देता है राम के चरित्र में ही रामराज्य है, जो हमारे भीतर की इंद्रियों, मन और अहंकार पर नियंत्रण करने का संदेश है।
आधुनिक समय में प्रासंगिकता: रामनवमी के दिन रामायण का पाठ और झांकियां, युवाओं को भारतीय संस्कृति के गौरवशाली इतिहास और मानवीय मूल्यों की याद दिलाती हैं।
राम के गुणों (धैर्य, विद्वता, पराक्रम) को समझें और उन्हें आत्मसात करें।
सेवाभाव: समाज सेवा में अपना योगदान दें, क्योंकि राम ने शोषितों और निर्बलों को गले लगाया था। राम की तरह ‘एकवाणी’ (जो कहें, वही करें) और आदर्श आचरण अपनाकर अपना व्यक्तित्व निखारें।
रामनवमी हमें याद दिलाती है कि हम अपने जीवन में राम के आदर्शों को अपनाकर एक ‘श्रेष्ठ युवा’ बन सकते हैं और रामराज्य जैसी आदर्श समाज की स्थापना में योगदान दे सकते हैं।
अनुराग पाण्डेय
एबीवीपी इंदौर महानगर 🚩
