तर्रीघाट हाई स्कूल पहुंचे शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव, विद्यार्थियों से किया संवाद; गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सर्वांगीण विकास पर दिया जोर….
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इंदौर: जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित सनातन प्रीमियर लीग (एसपीएल) का भव्य समापन उत्साह, ऊर्जा और सांस्कृतिक वातावरण के बीच संपन्न हुआ। क्रिकेट, संस्कृति और सामाजिक सरोकारों के इस अनूठे आयोजन को देखने के लिए बड़ी संख्या में दर्शक स्टेडियम पहुँचे और अंतिम मुकाबले का रोमांचक आनंद लिया।
फाइनल मैच में एएमजी मध्य प्रदेश और एमपीआर राजस्थान के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। एएमजी मध्य प्रदेश ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 80 रनों का लक्ष्य रखा। इसके जवाब में एमपीआर राजस्थान की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया और 34 रनों से जीत दर्ज कर सनातन प्रीमियर लीग का खिताब अपने नाम किया।
विजेताओं को मिला सम्मान
टूर्नामेंट के विजेता एमपीआर राजस्थान को 31 लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई, जबकि उपविजेता एएमजी मध्य प्रदेश को 15 लाख रुपये की पुरस्कार राशि दी गई।
व्यक्तिगत प्रदर्शन के लिए भी खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया। लक्ष्मी नारायण को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए मैन ऑफ द टूर्नामेंट और मैन ऑफ द सीरीज़ चुना गया तथा उन्हें पुरस्कार स्वरूप एक कार प्रदान की गई। पूरे टूर्नामेंट में शानदार गेंदबाज़ी के लिए उन्हें पर्पल कैप और एक मोटरसाइकिल से भी सम्मानित किया गया। वहीं राकेश कुमार प्रजापति को सर्वाधिक रन बनाने के लिए ऑरेंज कैप (सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज़) से सम्मानित किया गया।
पूरे मुकाबले के दौरान खिलाड़ियों ने दमदार बल्लेबाज़ी, सटीक गेंदबाज़ी और शानदार क्षेत्ररक्षण का प्रदर्शन किया, जिससे स्टेडियम में मौजूद दर्शकों का उत्साह चरम पर रहा।
खेल के साथ संस्कृति का संगम
सनातन प्रीमियर लीग की विशेषता यह रही कि इसने प्रतिस्पर्धी क्रिकेट को सनातन धर्म के सांस्कृतिक मूल्यों के साथ जोड़ा। टूर्नामेंट के सफल आयोजन में प्रमुख प्रायोजकों एच एंड एस (होम एंड सोल) और इन्वेस्टर्स क्लिनिक का विशेष योगदान रहा। इन्वेस्टर्स क्लिनिक के सह-संस्थापक सनी कट्याल भी इस आयोजन से जुड़े रहे।
इससे पहले लीग के पहले सेमीफाइनल में मध्य प्रदेश एएमजी और गुजरात एसवीपीएल के बीच मुकाबला हुआ, जबकि दूसरे सेमीफाइनल में महाराष्ट्र सीएसडब्ल्यू ने राजस्थान एमपीआर का सामना किया।
विशेष आकर्षण और प्रतिष्ठित उपस्थिति
फाइनल के दिन एक विशेष मैत्री क्रिकेट मैच भी आयोजित किया गया, जिसमें आध्यात्मिक गुरुओं और क्रिकेट जगत की जानी-मानी हस्तियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में पूज्य देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज, पूज्य प्रदीप मिश्रा जी महाराज, पूज्य इन्द्रेश उपाध्याय जी महाराज, जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री सदानंद सरस्वती जी महाराज, पूज्य चिन्मयानंद बापू जी महाराज, परम पूज्य जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी श्री राम दिनेशकाचार्य जी महाराज, संत त्रिलोचन दर्शन दास जी तथा अर्पित दास जी महाराज सहित अनेक संतों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
क्रिकेट जगत की कई प्रसिद्ध हस्तियों ने भी कार्यक्रम में शिरकत कर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। इनमें सुरेश रैना, पीयूष चावला, उमेश यादव, प्रवीण कुमार, मोहित शर्मा, चेतन शर्मा, करसन घावरी, मनिंदर सिंह, अजय रात्रा, पंकज सिंह और परविंदर अवाना शामिल रहे।
कार्यक्रम में अभिनेता अर्पित रंका, प्रो कबड्डी खिलाड़ी राहुल चौधरी तथा रामायण में भगवान श्रीराम की भूमिका निभाने वाले प्रसिद्ध अभिनेता अरुण गोविल भी उपस्थित रहे।
सामाजिक सरोकारों की पहल
इस आयोजन के दौरान सामाजिक जिम्मेदारी को भी प्रमुखता दी गई। शहीद सिपाही हरि भाऊ काटे के परिवार को 1 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई, जबकि ऑपरेशन तक्षक में शहीद हुए भीम सिंह के परिवार को भी 1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी गई।
इसके अलावा दुर्लभ बीमारी एसएमए प्रकार-2 से पीड़ित शिशु अनिका शर्मा के उपचार के लिए 1 लाख रुपये की सहायता प्रदान की गई।
सामाजिक संस्था छाँव फाउंडेशन के माध्यम से अम्ल हमले से प्रभावित अंशु राजपूत, प्रीति, मौसमी हलदार और शम्पा महतो को पुनर्वास और सशक्तिकरण के लिए 2.5 लाख रुपये की सहायता दी गई।
इस अवसर पर देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज ने सभी संतों, खिलाड़ियों, अतिथियों और समर्थकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सनातन प्रीमियर लीग को मिला अपार समर्थन अत्यंत प्रेरणादायक है और भविष्य में यह मंच युवा खिलाड़ियों के लिए और भी बड़े अवसर लेकर आएगा।
सनातन प्रीमियर लीग का यह सफल आयोजन खेल, संस्कृति और सामाजिक उत्तरदायित्व के संगम का एक प्रेरक उदाहरण बनकर सामने आया।
