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श्री डेका ने कहा नई शिक्षा नीति से मिला हर आयु में शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार
जीवन में ख़ुशी और आत्म संतुष्टि प्राप्त करने के लिए हमें अपना पैशन भी फॉलो करना चाहिए
राज्यपाल श्री रमेन डेका आज एमिटी विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में हुए शामिल
दीक्षांत समारोह में 816 स्नातक, परास्नातक और डॉक्टरेट विद्यार्थियों को उपाधियाँ और पदक प्रदान किए गए
रायपुर, 27 फरवरी 2026


राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कहा कि शिक्षा का मूल उद्देश्य केवल आजीविका प्राप्त करना नहीं बल्कि ज्ञान और बुद्धिमत्ता प्राप्त कर पूरे समाज का विकास होना चाहिए। उन्होंने कहा कि परिवर्तन जीवन का नियम है और शिक्षा हमारे जीवन में कई तरह के सकारात्मक बदलाव लेकर आती है। अगर हम अपनी शिक्षा के माध्यम से समाज में पीछे छूट रहे लोगों का जीवन सुधार पायें उनकी ज़िंदगी बेहतर बना पायें तो हमारा जीवन सफल होगा और इस अनमोल मनुष्य जीवन का सदुपयोग कर पाएंगे। दीक्षांत समारोह में 816 स्नातक, परास्नातक और डॉक्टरेट विद्यार्थियों को उपाधियाँ और पदक प्रदान किए गए। शेल इंडिया की अध्यक्ष और शेल लुब्रिकेंट्स एशिया पैसिफिक की वरिष्ठ उपाध्यक्ष मंसी मदन त्रिपाठी को विश्वविद्यालय द्वारा मानद डॉक्टर ऑफ फिलोसोफी (ऑनोरिस काउसा) से सम्मानित किया गया।


राज्यपाल श्री रमेन डेका आज एमिटी विश्वविद्यालय छत्तीसगढ़ के चौथे दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम, रायपुर में आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि अच्छी शिक्षा से ही विकास के लक्ष्य को प्राप्त किया का सकता है। उन्होंने श्री कृष्ण द्वारा भगवत गीता में दिए ज्ञान का ज़िक्र करते हुए कहा कि हमें अपनी अंतर आत्मा से साक्षात्कार करते रहना चाहिए ताकि हम सही और ग़लत में अंतर समझ सकें। अंतरात्मा की सुनेंगे वो आपको कभी ग़लत काम करने नहीं देगी और इसी तरह आप ख़ुद को ईश्वर के नज़दीक पायेंगे और आपको आत्म संतुष्टि प्राप्त होगी। शिक्षा से हम ज्ञान और बुद्धिमत्ता प्राप्त कर सकते हैं। जीवन का एक उद्देश्य होना चाहिए और हमें शिक्षा में भी एक समग्र दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा हमें हमें तकनीक का उपयोग करके जीवनशैली को बेहतर बनाना सिखाती है। लेकिन हमें अपने समाज, राष्ट्र और संस्थान के लिए भी अपना योगदान देना चाहिए।

राज्यपाल ने नई शिक्षा नीति का ज़िक्र करते हुए कहा अब आप किसी भी उम्र में अपने पसंद की डिग्री हासिल कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि करियर निर्माण की आपा धापी में हम अपना पैशन भूल जाते हैं, जीवन का उद्देश्य केवल आजीविका कमाना नहीं है , ख़ुशी और आत्म संतुष्टि प्राप्त करना भी है इसलिए हमें अपना पैशन फॉलो करना चाहिए।
इस अवसर पर कई प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। आठ छात्रों को श्री बलजीत शास्त्री पुरस्कार, 31 छात्रों को डॉ. अशोक के. चौहान पुरस्कार, और 20 छात्रों को गोल्ड मेडल प्रदान किए गए। सोनल धोमने (बी.टेक. सीएसई) को उनके उल्लेखनीय प्रदर्शन के लिए बेस्ट ऑल-राउंडर ट्रॉफी से सम्मानित किया गया।
डॉ. अशोक के. चौहान, संस्थापक अध्यक्ष, एमिटी विश्वविद्यालय ने विद्यार्थियों से जीवन में एक उद्देश्य निर्धारित करने और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की ओर बढ़ने में योगदान देने का आह्वान किया। डॉ. असीम चौहान, अध्यक्ष, रितनंद बलवेद इंटरनेशनल एजुकेशन फाउंडेशन और चेयरमैन, अमिटी विश्वविद्यालय छत्तीसगढ़ ने कहा कि अमिटी ने छात्रों को जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए मूल्य, दृष्टिकोण और तकनीकी कौशल प्रदान किए हैं।
इस दौरान रजिस्ट्रार, फैकल्टी मेंम्बर्स, डीन, प्राध्यापक, छात्र-छात्राएं एवं उनके परिजन भी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
