निप्र जावरा मध्यप्रदेश के रतलाम जिले में पिपलौदा और जावरा तहसील ग्रामीण के कई किसान फ़रवरी माह में बेमौसम बारिश से प्रभावित हुए हैं, किसानों ने बताया कि पिछले वर्ष बेमौसम बारिश से सोयाबीन कि फसलें भी चौपट हो गई थीं और इस वर्ष फ़रवरी माह में ही बेमौसम बरसात का प्रकोप सीधे फसलों को नुकसान पहुंचा रहा हैं, किसानों ने गेहूं ,चना वहीं अन्य नगदी फसलें भी बोई हैं वहीं जिन किसानों ने अफ़ीम कि खेती कि हैं वे भी खेती से चिंतित हैं, ग्राम भैंसाना में राम मंदिर पर किसान चौपाल में ग्रामीण दशरथ पाटीदार ने बताया कि लागत और मेहनत के बाद भी फसलों कि उपज का लाभ नहीं मिल रहा किसान के पास खेती के अलावा कोई अन्य आय स्त्रोत नहीं हैं । फसलों कि उपज घटने वहीं बेमौसम बारिश और जंगली सूअर, नील गाय से आर्थिक नुकसान हो रहा हैं। ओर जावरा तहसील ग्राम भैंसाना अफ़ीम किसान ने शुक्रवार हुई बारिश से नुकसान संबंधी जानकारी देते हुए बताया कि अफ़ीम के डंठलों पर चिरा लगाया लेकिन वह बारिश से धूल गया ज़्यादा बारिश से मिट्टी में यदि नमी हुई तो उपज प्रभावित हो सकती हैं। वहीं पिपलौदा तहसील राकोदा किसान विजय राठौर ने बताया कि गेहूं कि फ़सल प्रभावित हुई हैं खड़ी फ़सल आड़ी होती नज़र आ रहीं ज़्यादा बारिश या हवा के प्रभाव से फसल को अधिक नुकसान हो सकता हैं वहीं प्याज़ कि फसल को भी नुकसान है बारिश का पानी मीठा है या अम्लीय नहीं पता फसलों में रोग भी लग सकता हैं। ग्रामीण किसानों कि चिंता पर युवाजनसेवक टीम मध्यप्रदेश सामाजिक कार्यकर्ता डॉ मनीषा सिंह ने किसानों कि जन समस्या आवाज़ को सरकार तक पहुंचाने वहीं क्षेत्रीय अधिकारियों से जल्द बात कर आगामी दिनों में कृषि विस्तार हेतु किसान राजस्व भूमियों में नक्शा एवं खसरा त्रुटि , नीलगाय, जंगली सूअर से फसल नुकसान के लिए ग्राम स्तर पर समस्या निवारण नीतियों को बढ़ावा देकर विभागों को ध्यानाकर्षण पत्र सौंप, जनजागरूकता लाने कि बात कहीं गई।
