24 घंटे में ‘रामायण’ की अमेरिकी प्रीमियर एडवांस बुकिंग में 27% का उछाल, लॉस एंजिल्स प्रीमियर की सकारात्मक प्रतिक्रियाओं का दिखा असर
Spread the love रणबीर कपूर की ‘रामायण’ की...
Spread the love रणबीर कपूर की ‘रामायण’ की...
Spread the loveमुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव वर्चुअल माध्यम...
Spread the love उत्सव के पहले दिन साहित्य...
नई दिल्ली,। ब्राजील के राष्ट्रपति लुईज इनासिओ लुला डिसिल्वा पांच दिवसीय राजकीय दौरे पर बुधवार को भारत पहुंचे। राजधानी के हवाई अड्डे पर उनका स्वागत विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने किया। यह यात्रा प्रधानमंत्री मोदी के निमंत्रण पर हो रही है और 18 से 22 फरवरी तक चलेगी। विदेश मंत्रालय के अनुसार, राष्ट्रपति लूला का यह दौरा भारत-ब्राजील रणनीतिक साझेदारी को नई गति देने वाला माना जा रहा है। मंत्रालय ने कहा कि दोनों देशों के रिश्ते साझा वैश्विक दृष्टिकोण, लोकतांत्रिक मूल्यों और समावेशी विकास की प्रतिबद्धता पर आधारित हैं। इस यात्रा के दौरान राष्ट्रपति लूला ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट’ में हिस्सा लेंगे और उसके बाद प्रधानमंत्री मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। कारोबारी प्रतिनिधिमंडल से बढ़ीं उम्मीदें इस बार लूला डिसिल्वा अपने साथ सैकड़ों कंपनियों के मालिकों और वरिष्ठ अधिकारियों का बड़ा प्रतिनिधिमंडल लेकर आए हैं। इसे संभावित निवेश और व्यापारिक समझौतों के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऊर्जा, कृषि, रक्षा, खनन, हरित प्रौद्योगिकी और डिजिटल इनोवेशन जैसे क्षेत्रों में नई साझेदारियां संभव हैं। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, वर्ष 2025 में भारत और ब्राजील के बीच द्विपक्षीय व्यापार 15 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक रहा है। ऐसे में दोनों देश व्यापार को और बढ़ाने, आपूर्ति श्रृंखला मजबूत करने और निवेश को प्रोत्साहन देने पर जोर दे सकते हैं। एआई और ग्लोबल साउथ पर फोकस राष्ट्रपति लूला 19 और 20 फरवरी को नई दिल्ली में आयोजित दूसरे एआई इम्पैक्ट समिट में भाग लेंगे। प्रस्थान से पहले उन्होंने कहा कि वे भारत के साथ उभरते क्षेत्रों, खासकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और तकनीकी सहयोग पर नए अवसर तलाशेंगे। प्रधानमंत्री मोदी उनके सम्मान में एक राजकीय भोज का आयोजन करेंगे। इसके अलावा राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णनन और विदेश मंत्री एस जयशंकर भी लूला से मुलाकात करेंगे। वार्ता में बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग, वैश्विक शासन सुधार, जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल साउथ की भूमिका जैसे मुद्दे प्रमुख रहेंगे। कारोबारी प्रतिनिधिमंडल की मौजूदगी से अटकलें तेज हैं कि इस दौरे के दौरान कोई महत्वपूर्ण निवेश या रणनीतिक समझौता सामने आ सकता है।
