

मुख्यमंत्री ने कहा कि 1133.67 करोड़ रुपये की लागत से हरियाखेड़ी जल आवर्धन योजना के माध्यम से शहर की पेयजल समस्या का स्थायी समाधान होगा। वर्तमान में उज्जैन को प्रतिदिन 200 एमएलडी पानी की आवश्यकता है, जबकि योजना पूर्ण होने पर 450 एमएलडी जल उपलब्ध रहेगा। इससे वर्ष 2050 तक की जरूरतें पूरी की जा सकेंगी।
