जिला प्रशासन की रणनीति, कृषि विभाग की सक्रियता और किसानों की सहभागिता से ऐतिहासिक सफलता
बेमेतरा 12 जनवरी 2026
बेमेतरा जिले ने कृषि क्षेत्र में एक नई उपलब्धि दर्ज करते हुए दलहन एवं तिलहन फसलों के क्षेत्र विस्तार में प्रदेश स्तर पर एक आदर्श मॉडल प्रस्तुत किया है। जिला प्रशासन की समयबद्ध रणनीति, सतत मार्गदर्शन और किसानों के सकारात्मक सहयोग से जिले में फसल विविधीकरण को मजबूत आधार मिला है, जो आज एक प्रेरणादायी सफलता कहानी के रूप में उभरकर सामने आया है।
जिला प्रशासन द्वारा रबी एवं खरीफ दोनों मौसमों में दलहन–तिलहन फसलों को प्राथमिकता देने की स्पष्ट अपील की गई। इसके साथ ही कृषि विभाग ने किसानों को उन्नत एवं प्रमाणित बीजों की उपलब्धता सुनिश्चित की, आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रशिक्षण प्रदान किया तथा खेत भ्रमण, ग्राम स्तरीय जागरूकता शिविर और विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाई। इन निरंतर प्रयासों से किसानों में दलहन एवं तिलहन फसलों के प्रति विश्वास बढ़ा और उन्होंने पारंपरिक फसलों के साथ-साथ वैकल्पिक एवं लाभकारी फसलों को अपनाने में रुचि दिखाई।
इस सामूहिक प्रयास का सकारात्मक परिणाम यह रहा कि जिले में दलहन फसलों का रकबा 70,800 हेक्टेयर से बढ़कर 83,330 हेक्टेयर तक पहुंच गया। वहीं तिलहन फसलों का क्षेत्र मात्र 820 हेक्टेयर से बढ़कर 2,582 हेक्टेयर हो गया, जो लगभग तीन गुना से अधिक की उल्लेखनीय वृद्धि को दर्शाता है। यह विस्तार जिले की कृषि क्षमता और किसानों की बदलती सोच का प्रमाण है।
दलहन एवं तिलहन फसलों के क्षेत्र विस्तार से न केवल किसानों की आय में वृद्धि की संभावनाएं सशक्त हुई हैं, बल्कि जिले में फसल विविधता को भी बढ़ावा मिला है। साथ ही मृदा स्वास्थ्य में सुधार, जल संरक्षण, पोषण सुरक्षा और संतुलित कृषि प्रणाली को मजबूती मिली है। दलहन फसलें जहां मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने में सहायक हैं, वहीं तिलहन फसलें किसानों को बेहतर बाजार मूल्य और अतिरिक्त आय का अवसर प्रदान कर रही हैं।
आत्मनिर्भर कृषि की दिशा में यह उपलब्धि बेमेतरा जिले के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। यह सफलता जिला प्रशासन, कृषि विभाग और मेहनती किसानों के समन्वय, प्रतिबद्धता और दूरदर्शी सोच का परिणाम है। बेमेतरा जिले की यह पहल आने वाले समय में अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगी और टिकाऊ एवं समृद्ध कृषि विकास का मार्ग प्रशस्त करेगी।
