नमित मल्होत्रा की ‘रामायण’ और जियोहॉटस्टार ने मिलाया हाथ, भारत के सबसे बड़े महाकाव्य को डिजिटल माध्यम से दर्शकों तक पहुंचाने की दिशा में की नई पहल
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निप्र रतलाम मध्यप्रदेश सरकार में खनन माफियाओं के हौसले ऐसे बुलंद हैं जैसे सरकार ने सीधे खनन कर्ताओं को लाइसेंस बाट दिए हो। आओ और सरकारी भूमि खोद जाओ। मामला उज्जैन संभाग के रतलाम ज़िले से 35 किलोमीटर दूर सादाखेड़ी ओर नागदी पंचायत क्षेत्र का हैं जहां शासकीय भूमि पर अवैध खनन को लेकर तत्कालीन क्रेशर मशीन संचालक धीरज सिंह डोडिया पर सादाखेड़ी पंचायत सरपंच द्वारा सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई गई। जहां मामला खनिज विभाग में पहुंचा तो विभाग सीएम हेल्पलाइन शिकायत पर जांच प्रतिवेदन राजस्व विभाग से लेकर अवैध खनन कि पुष्टि चाही गई। जहां सादाखेड़ी ओर नागदी सीमा क्षेत्र पटवारी द्वारा सीमांकन कर 236 व 680 सर्वे पर अवैध खनन कि पुष्टि कि सत्यता पर खनिज विभाग ने अवैध खनन का मामला दर्ज किया वहीं धीरज सिंह डोडिया पर लगभग 10 करोड़ का जुर्माना लगाया । पूर्व में खनन विभाग को अवैध खनन को लेकर नगर पालिका जावरा द्वारा टेंचिग ग्राउंड सादाखेड़ी क्षेत्र के सर्वे 175,176 पर अवैध खनन पर धीरज सिंह डोडिया के नाम खनन विभाग को पत्र लिखा था जिस पर कार्यवाही विभागीय जांच तले दबी है । वहीं राजस्व विभाग त्रुटि में पाया गया कि खनन कर्ता को सर्वे क्रमांक 7 पर परमिशन देने के दौरान नक्शा सर्वे क्रमांक 7 का चिह्नांकित न कर 175 का नक्शा चिह्नांकित किया गया जोकि वर्तमान में नगरपालिका टेंचिग ग्राउंड पॉइंट है। जिससे खनन कर्ता के राजस्व त्रुटि कि गलती देख ओर हौसले बुलंद हो गए। जहां राजस्व कि लापरवाही को देख शासकीय भूमियों पर कब खनन हुआ पता ही नहीं चला ।
