NTR उन दुर्लभ अभिनेताओं में से एक हैं जिन्हें सच में हर कोई पसंद करता है—हर उम्र का, हर क्षेत्र का और पूरे देश का. उन्हें सिर्फ उनकी दमदार ऑन-स्क्रीन परफॉर्मेंस के लिए ही नहीं, बल्कि असल जिंदगी में उनकी सादगी और विनम्रता के लिए भी सराहा जाता है. साउथ के कई सितारों की तुलना में, जिनके फैनडम अक्सर बंटे होते हैं या आपस में प्रतिस्पर्धा करते हैं, NTR एक अलग पहचान रखते हैं—वे सच में सभी के हैं. वे सिनेमा के “सबके अपने” सितारे हैं, जो लोगों को जोड़ते हैं, न कि बांटते.एक उभरते हुए कलाकार से देश के सबसे बड़े सुपरस्टार्स में से एक बनने तक उनकी यात्रा किसी चमत्कार से कम नहीं रही. लेकिन उनकी सफलता की खासियत यह है कि यह कभी भी सिर्फ नंबरों, रिकॉर्ड्स या भव्यता पर आधारित नहीं रही. इसकी नींव हमेशा उनकी गर्मजोशी, सम्मान और गरिमा पर रही है—चाहे परदे पर हों या उसके बाहर.अपने शुरुआती दौर में सिंహाद्रि और अत्यंत लोकप्रिय यमदोंगा जैसी फिल्मों से ही NTR ने एक ऐसी तीव्रता और शारीरिक कमांड दिखा दी थी, जिसने उन्हें तुरंत अलग पहचान दिलाई. लेकिन वास्तव में उनकी अभिनय क्षमता को हम उनके बाद के कामों में देखते हैं—नान्नुकी प्रेमथो, जनथा गैराज, अरविंदा समीथा, और हाल ही में RRR और देवरा. हर फिल्म ने उन्हें नए भावनात्मक पहलुओं में ढाला और उनकी रेंज को और आगे बढ़ाया.इन किरदारों ने उन्हें सिर्फ एक “मास हीरो” के रूप में नहीं दिखाया, बल्कि उनकी गहराई, संवेदनशीलता और परतदार भावनाओं को भी उजागर किया. बहुत कम अभिनेता ऐसे होते हैं जो कच्चे मास अपील को इतनी बारीक और भावपूर्ण अदाकारी के साथ संतुलित कर पाते हैं—और NTR इसे सहज विश्वास के साथ करते हैं.NTR को सच में खास बनाता है सिर्फ उनका ऑन-स्क्रीन काम ही नहीं, बल्कि उनका ऑफ-स्क्रीन व्यक्तित्व भी. कैमरा बंद होते ही वे एक विनम्र, शांत और संवेदनशील इंसान बन जाते हैं. वे हमेशा लोगों को प्राथमिकता देते हैं. कठिन समय में समाज की मदद करना हो, किसी कारण का चुपचाप समर्थन करना हो, या अपने दोस्तों और फैन्स के लिए खड़े रहना—वे यह सब बिना किसी दिखावे के करते हैं. बहुत लोग उनकी दयालुता के बारे में जानते हैं, लेकिन वे खुद कभी इसका उल्लेख नहीं करते—और यही उनकी सच्चाई को और गहरा बनाता है.उनका फैनबेस भी इसी बात को दर्शाता है. वे हर क्षेत्र और हर उम्र के लोगों में समान रूप से लोकप्रिय हैं. एक ऐसे उद्योग में जहाँ प्रतिद्वंद्विता सामान्य है, NTR को दूसरे सितारों के फैंस भी उतना ही सम्मान देते हैं. वे रिश्तों और लोगों को महत्व देते हैं—न कि प्रतिस्पर्धा को. RRR के बाद बॉलीवुड ने भी उन्हें उसी गर्मजोशी से अपनाया. वे यहाँ बाहरी व्यक्ति की तरह नहीं आए—बल्कि ऐसे कलाकार की तरह, जिसे लोग पहले से ही प्यार करते थे.इसीलिए NTR वास्तव में “जनता के नायक” बने रहते हैं.
