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धान खरीदी कार्य में संलग्न राजस्व निरीक्षक तथा पटवारियों के विरूद्ध कारवाई नहीं करने पर नोटिस जारी
महासमुंद, 17 नवंबर 2025
कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री विनय लंगेह ने जिले के सभी 06 तहसीलदारों को एस्मा अधिनियम के तहत कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस में कहा गया है कि राज्य शासन द्वारा 15 नवम्बर 2025 से 31 जनवरी 2026 अर्थात् खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 की संपूर्ण धान खरीदी की अवधि तक धान खरीदी कार्य में संलग्न समस्त कर्मचारियों पर छत्तीसगढ़ अत्यावश्यक सेवा संधारण तथा विच्छिन्नता निवारण अधिनियम 1979 लागू किया गया है।
धान खरीदी वर्ष 2025-26 के सुचारू रूप से संचालन हेतु दिए गए आदेश तहत आपके तहसील में पदस्थ राजस्व निरीक्षक तथा पटवारियों को धान खरीदी कार्य में ड्यूटी लगाई गई थी, जिसके तारतम्य में राजस्व निरीक्षक तथा पटवारियों द्वारा 15 नवंबर 2025 को संबंधित धान उपार्जन केन्द्रों में अपने कर्तव्यों का निर्वहन नहीं किया गया, साथ ही 16 नवंबर 2025 को आयोजित धान खरीदी संबंधी प्रशिक्षण में बिना किसी सूचना के अनुपस्थित रहे, जो छत्तीसगढ़ अत्यावश्यक सेवा संधारण तथा विच्छिन्नता निवारण अधिनियम 1979 का स्पष्ट उल्लंघन है। इस कृत्य से 15 नवम्बर 2025 को धान खरीदी वर्ष 2025-26 प्रभावित हुई तथा आगामी खरीदी भी प्रभावित होने की संभावना है। आपके अधीनस्थ राजस्व निरीक्षक तथा पटवारियों को उनके कर्तव्य का पालन करने तथा आयोजित प्रशिक्षण में उपस्थिति हेतु उत्तरदायित्व आपको सौंपा गया था।
धान खरीदी कार्य में संलग्न राजस्व निरीक्षक तथा पटवारियों के विरूद्ध छत्तीसगढ़ अत्यावश्यक सेवा संधारण तथा विच्छिन्नता निवारण अधिनियम 1979 के अंतर्गत अनुशासनात्मक कार्यवाही किये जाने हेतु निर्देशित किया गया था, जिसका पालन आपके द्वारा जानबूझकर नहीं किया गया, जो आपके द्वारा आपके शासकीय कर्तव्यों के निर्वहन के प्रति घोर लापरवाही तथा स्वेच्छाचारिता को प्रदर्शित करता है। अतः आप 24 घंटे के भीतर समक्ष स्वयं उपस्थित होकर अपना समाधानकारक उत्तर प्रस्तुत करें कि क्यों न आपके विरूद्ध छत्तीसगढ़ अत्यावश्यक सेवा संधारण तथा विच्छिन्नता निवारण अधिनियम 1979 के अंतर्गत कार्यवाही संस्थित की जावे। निर्धारित समयावधि में उत्तर प्रस्तुत नहीं करने पर अनुशासनात्मक कार्यवाही की संपूर्ण उत्तरदायित्व आपकी स्वयं की होगी।
