दिल्ली-हरियाणा में जहरीली हवा से सांस लेना हुआ मुश्किल
नई दिल्ली,। उत्तर भारत में एक तरफ जहां शीतलहर का प्रकोप दिखाई दे रहा वहीं वायु प्रदूषण का असर भी देखने को मिल रहा है। मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब और छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों में तापमान में तेजी से गिरावट दर्ज की गई है। बुधवार को राजस्थान के 9 और मध्य प्रदेश के 8 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा। वहीं, दिल्ली और हरियाणा के 13 शहरों में एक्यूआई 400 पार पहुंच गया, जिससे हवा ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंच गई है। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में लगातार पांचवें दिन पारा 8 डिग्री दर्ज हुआ, जो सामान्य से काफी कम है। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक शीतलहर चलने की चेतावनी दी है। भोपाल, इंदौर, राजगढ़, रीवा और बालाघाट जैसे जिलों में तापमान 7 से 9 डिग्री के बीच रहा। अनूपपुर और बालाघाट में कोल्ड-डे जैसी स्थिति बन गई है। राजस्थान में भी सर्दी ने दस्तक दे दी है। सीकर, फतेहपुर, सिरोही और झुंझुनूं में तापमान 8 से 9 डिग्री तक पहुंच गया है। झुंझुनूं और आसपास के इलाकों में शीतलहर का असर शुरू हो गया है। मौसम विभाग ने राज्य में अगले चार दिनों तक ठंड बढ़ने और सुबह-शाम कोल्ड-वेव की स्थिति बने रहने का अलर्ट जारी किया है। पंजाब में लुधियाना और अमृतसर में तापमान क्रमशः 8 और 9 डिग्री दर्ज हुआ। मौसम विभाग के अनुसार, आगामी दिनों में ठंड और बढ़ेगी तथा रात का पारा 6 डिग्री तक गिर सकता है। छत्तीसगढ़ में भी सर्दी ने रफ्तार पकड़ ली है। अंबिकापुर में तापमान 7 डिग्री, जबकि मैनपाट में 4 डिग्री तक पहुंच गया। रायपुर में 9 साल बाद नवंबर में तापमान 13 डिग्री दर्ज हुआ है। सर्दी के साथ बढ़ा प्रदूषण दिल्ली-हरियाणा में सर्दी के साथ प्रदूषण भी बढ़ा है। दिल्ली के बवाना में एक्यूआई 451 और चांदनी चौक में 449 दर्ज किया गया। इंडिया गेट के आसपास का इलाका घनी धुंध में लिपटा नजर आया, जहां एक्यूआई 408 तक पहुंच गया। हरियाणा के जींद में सबसे ज्यादा 418 एक्यूआई रिकॉर्ड किया गया, जो दिल्ली के बराबर है। नारनौल में न्यूनतम तापमान 7.7 डिग्री दर्ज हुआ। यहां तापमान पहुंचा माइनस पर हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तापमान माइनस में चला गया है। ताबो में सबसे कम पारा -4.5 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। वहीं, मैदानी इलाकों में ऊना और हमीरपुर में शिमला से ज्यादा ठंड पड़ी, जहां तापमान क्रमशः 8.5 और 6 डिग्री रहा। विशेषज्ञों के अनुसार, उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर पड़ने और ठंडी उत्तर-पश्चिमी हवाओं के सक्रिय होने से यह स्थिति बनी है। आने वाले दिनों में सर्दी और बढ़ने की संभावना है।
