मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में एक चार साल के बच्चे की निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई. लेकिन, इस बार मौत का कारण जहरीली कफ सिरप नहीं, कुछ और है. परिजनों ने आरोप लगाया है कि गलत इंजेक्शन लगाने के कारण बच्चे की जान चली गई. यह घटना तब हुई जब राज्य में कोल्ड्रिफ कफ सिरप से बच्चों की मौत के मामले अभी ठंडे भी नहीं हुए थे.
मुंह से निकलने लगा झाग
बड़वानी जिले के ठीकरी निवासी कालू पंचोले अपने चार साल के बेटे दियान को बुखार की शिकायत पर खरगोन के जिला अस्पताल के पास स्थित डॉ. राजेश सयदे के क्लिनिक ले गए थे. कालू ने बताया, “डॉक्टर ने बच्चे की जांच की और दवा लिखीं. पास के प्रथम लैब में इंजेक्शन लगाने को कहा. इंजेक्शन लगते ही दियान को तेज खुजली शुरू हुई और मुंह से झाग निकलने लगा.” इसके बाद डॉक्टर ने बच्चे को रक्षा अस्पताल में भर्ती करने को कहा, जहां वेंटिलेटर पर रखने के बावजूद मासूम ने दम तोड़ दिया.
बड़वानी जिले के ठीकरी निवासी कालू पंचोले अपने चार साल के बेटे दियान को बुखार की शिकायत पर खरगोन के जिला अस्पताल के पास स्थित डॉ. राजेश सयदे के क्लिनिक ले गए थे. कालू ने बताया, “डॉक्टर ने बच्चे की जांच की और दवा लिखीं. पास के प्रथम लैब में इंजेक्शन लगाने को कहा. इंजेक्शन लगते ही दियान को तेज खुजली शुरू हुई और मुंह से झाग निकलने लगा.” इसके बाद डॉक्टर ने बच्चे को रक्षा अस्पताल में भर्ती करने को कहा, जहां वेंटिलेटर पर रखने के बावजूद मासूम ने दम तोड़ दिया.
पुलिस ने केस दर्ज किया
कालू ने बताया कि यह त्रासदी उनके लिए दोहरी मार है, क्योंकि ठीक एक दिन पहले बच्चे के दादा का 11वां संस्कार हुआ था. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. उन्होंने जिला अस्पताल के पीएम रूम के बाहर प्रदर्शन कर डॉक्टर और लैब संचालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की. उनका कहना है कि लापरवाही और गलत इंजेक्शन ने उनके बच्चे की जान ले ली. जैतापुर थाना प्रभारी सुर्दशन कलोसिया ने बताया, “पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और पोस्टमॉर्टम कराया गया है. जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी.”
कालू ने बताया कि यह त्रासदी उनके लिए दोहरी मार है, क्योंकि ठीक एक दिन पहले बच्चे के दादा का 11वां संस्कार हुआ था. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. उन्होंने जिला अस्पताल के पीएम रूम के बाहर प्रदर्शन कर डॉक्टर और लैब संचालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की. उनका कहना है कि लापरवाही और गलत इंजेक्शन ने उनके बच्चे की जान ले ली. जैतापुर थाना प्रभारी सुर्दशन कलोसिया ने बताया, “पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और पोस्टमॉर्टम कराया गया है. जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी.”
अब इंजेक्शन पर सवाल!
बता दें कि मध्य प्रदेश में कफ सिरप के कारण 20 बच्चों की मौत के बाद अब गलत इंजेक्शन से एक और मासूम की जान चली गई. विशेषज्ञों का कहना है कि निजी क्लिनिकों में दवाओं की जांच और डॉक्टरों की योग्यता पर सख्त निगरानी जरूरी है. स्थानीय लोगों ने सरकार से तत्काल सहायता और न्याय की मांग की है.
बता दें कि मध्य प्रदेश में कफ सिरप के कारण 20 बच्चों की मौत के बाद अब गलत इंजेक्शन से एक और मासूम की जान चली गई. विशेषज्ञों का कहना है कि निजी क्लिनिकों में दवाओं की जांच और डॉक्टरों की योग्यता पर सख्त निगरानी जरूरी है. स्थानीय लोगों ने सरकार से तत्काल सहायता और न्याय की मांग की है.
