रायपुर, 30 सितंबर।छत्तीसगढ़ में करीब छह साल के लंबे अंतराल के बाद स्टेट बार काउंसिल का चुनाव आज आयोजित कराया जा रहा है। इस चुनाव में राज्यभर के 23 हजार से ज्यादा रजिस्टर्ड अधिवक्ता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। कुल 25 सदस्य पदों के लिए चुनाव में भाग्य आ जमाने के लिए 105 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं, चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों में रायपुर के 16 प्रत्याशी मैदान पर उतरे हैं। मतदान सुबह 9 से जारी है जाे शाम 5 बजे तक होगा। मतगणना निर्धारित तारीख को होगी, जिसकी घोषणा अलग से की जाएगी।
रायपुर के वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने बताया है कि इस बार मतदान प्रक्रिया में बदलाव करते हुए हर मतदाता को कम से कम पांच उम्मीदवारों को वरीयता क्रम में वोट देना अनिवार्य किया गया है। स्टेट बार काउंसिल के चुनाव में प्रत्येक अधिवक्ता को वरीयता के आधार पर न्यूनतम 5 और अधिकतम 25 वोट डालने का अधिकार होगा। नवनिर्वाचित परिषद का कार्यकाल पांच वर्षों का होगा बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने चुनाव को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए एक सुपरवाइजरी कमेटी गठित की है। इसकी कमान सेवानिवृत्त न्यायाधीश चंद्रभूषण बाजपेयी को सौंपी गई है।
साल 2019 में तत्कालीन स्टेट बार काउंसिल के भंग हो जाने के बाद से इसकी कमान एक अंतरिम समिति के हाथों में थी। अब स्थायी परिषद के गठन को लेकर अधिवक्ताओं में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। रायपुर अधिवक्ता संघ के 16 उम्मीदवार इस बार चुनावी रण में उतरे हैं।
राज्यभर के जिला एवं सत्र न्यायालयों तथा सिविल कोर्ट परिसरों में मतदान केंद्र बनाए गए हैं। बिलासपुर में हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के लिए अलग से बूथ की व्यवस्था की गई है। मतदान समाप्त होने के बाद सभी मतपेटियों को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच स्टेट बार काउंसिल के स्ट्रॉन्ग रूम में सुरक्षित रखा जाएगा। मतगणना निर्धारित तारीख को होगी, जिसकी घोषणा अलग से की जाएगी। बताया जा रहा है कि रायपुर और बिलासपुर में करीब 5-5 हजार, दुर्ग में 3 हजार, जबकि राजनांदगांव में लगभग 2 हजार अधिवक्ता मतदान में भाग लेंगे।
