रायगढ़ के छात्र कृष्ण अग्रवाल को 12वें राष्ट्रीय स्तरीय प्रदर्शनी एवं परियोजना प्रतियोगिता में मिला सम्मान
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नई दिल्ली,(माधव एक्सप्रेस)। वोट चोरी मामले में केंद्र की मोदी सरकार से लगातार पंगा ले रहे कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने करीब एक सप्ताह पहले आरोपों का हाईड्रोजन बम फोड़ने की धमकी दी थी। उनकी इस धमकी से जहां भाजपा की धड़कने बढ़ी थीं वहीं इंडिया गठबंधन के दलों को भी टकटकी लगी हुई थी कि आखिर ये कौन सा बम आने वाला है। ये हाईड्रोजन सार्वजनिक होता इससे पहले लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी अमेरिका दौरे पर रवाना हो गए हैं। दक्षिण अमेरिकी महाद्वीप के चार देशों की यात्रा पर रवाना हुए गांधी वहां के प्रमुख नेताओं, छात्रों और व्यापारियों से मुलकात एवं संवाद का कार्यक्रम है। कांग्रेस का कहना है कि राहुल गांधी का यह अभियान इस परंपरा को जारी रखते हुए व्यापार, प्रौद्योगिकी और लोगों के बीच आदान-प्रदान में सहयोग के नए रास्ते खोल रहा है। पार्टी ने यह भी कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों को आकार देने और भारत की वैश्विक उपस्थिति को आगे बढ़ाने में भारत के लोकतांत्रिक विपक्ष की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करता है। कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने यह जानकारी दी। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष का यह विदेश दौरा कितने दिनों का है। खेड़ा ने एक्स पर पोस्ट किया, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी दक्षिण अमेरिका की यात्रा पर रवाना हुए हैं। उनका चार देशों के नेताओं, विश्वविद्यालय के छात्रों और व्यापारिक जगत के सदस्यों से मिलने का कार्यक्रम है। कांग्रेस का कहना है कि राहुल गांधी ब्राज़ील और कोलंबिया का दौरा करेंगे जहां उनके विश्वविद्यालय के छात्रों से बातचीत करने की उम्मीद है। पार्टी ने कहा कि वह कई देशों के राष्ट्रपतियों और वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठकें करेंगे और लोकतांत्रिक एवं रणनीतिक संबंधों को मजबूत करेंगे। पार्टी ने यह भी कहा कि अमेरिकी शुल्क के मद्देनजर भारत व्यापार और साझेदारी में विविधता लाने के प्रयास कर रहा है और ऐसे में राहुल गांधी व्यापार जगत के प्रमुख लोगों के साथ मिलकर अवसरों की तलाश करेंगे। वह ब्राज़ील, कोलंबिया और अन्य जगहों के विश्वविद्यालयों के छात्रों से बातचीत करेंगे। कांग्रेस ने कहा कि यह महत्वपूर्ण यात्रा ऐतिहासिक महत्व रखती है और भारत तथा दक्षिण अमेरिका के बीच गुटनिरपेक्ष आंदोलन, ग्लोबल साउथ में एकजुटता तथा बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था के प्रति प्रतिबद्धता के माध्यम से लंबे समय से संबंध रहे हैं।
