बलरामपुर, 22 सितंबर ।बलरामपुर स्थित शहर के हृदय स्थल पर शहीद पार्क इन दिनों अंधेरे और उपेक्षा का प्रतीक बनता जा रहा है। करीब 50 लाख रुपये की लागत से बने इस भव्य पार्क में नागरिकों को शांत वातावरण और सुंदर परिवेश का अनुभव देने की मंशा थी। रोशनी व्यवस्था के लिए अतिरिक्त 15 लाख रुपये खर्च किए गए थे। परंतु अब यहां की लाइटें खराब पड़ी हैं, जिससे पूरा पार्क शाम होते ही घने अंधेरे में डूब जाता है।
उल्लेखनीय है कि, बलिदान पार्क की रंग-बिरंगी लाइटें कभी जिले भर के लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र थीं। लगभग दो वर्ष पूर्व बने इस पार्क की रोशनी व्यवस्था बेहद कम समय में खराब हो गई, जिससे बलिदानियों की स्मृति को समर्पित यह स्थल अब उपेक्षा का शिकार हो गया है।नागरिकों ने जल्द कार्रवाई की मांग की है, ताकि पार्क की गरिमा स्थापित हो सके। मुख्य नगरपालिका अधिकारी प्रणव राय ने आज सोमवार को कहा है कि, पार्क की लाइटनिंग को सुधारने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
स्थानीय पार्षद अमित गुप्ता मंटू ने बताया कि, अंधेरे के कारण न सिर्फ टहलने आने वाले लोगों को परेशानी होती है, बल्कि असामाजिक तत्वी और जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा भी बढ़ जाता है। इसके बावजूद, बड़ी संख्या में लोग परिवार और बच्चों के साथ पार्क में आते हैं, जिससे उनकी सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
वार्ड क्रमांक 15 के पार्षद राकेश सिंह ने बताया कि, उन्होंने लाइटिंग और रखरखाव की समस्या को लेकर कई बार नगरपालिका में शिकायतें दर्ज कराई है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने कहा कि मेरे पार्षद बनने के पूर्व से ही लाइट खराब है। नागरिकों का आरोप है कि, नगरपालिका के अधिकारी समस्या को नजरअंदाज कर रहे हैं और कोई जिम्मेदारी नहीं ले रहे।
