नाकोड़ा पार्श्वनाथ मंदिर गुमाश्तानगर में सात दिवसीय उत्तराध्ययन महोत्सव शुरू।
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रायपुर 19 सितंबर । राजधानी रायपुर स्थित एक निजी होटल में गुरुवार की देर शाम आयोजित ‘निखरता छत्तीसगढ़ कॉन्क्लेव 2025’ में मां मातंगी धाम के पीठाधीश्वर डॉ. प्रेमसाई महाराज को ग्यारह हजार किलो मिर्ची हवन के आयोजन हेतु मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा सम्मानित किया गया। इस विशेष आयोजन में छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार, अनुसूचित जाति विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब सहित कई वरिष्ठजन मौजूद रहे।
अपने उद्बोधन में डॉ. प्रेमसाई महाराज ने बताया कि मां मातंगी, दस महाविद्याओं में से नौवीं महाविद्या मानी जाती हैं। रायपुर से 35 किलोमीटर दूर स्थित मां मातंगी धाम में तीन महाविद्याएं — मातंगी, बगलामुखी और छिन्नमस्ता विराजमान हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की कुलदेवी भी मां मातंगी हैं, जिनके दर्शन वे गुजरात स्थित मोड़ेश्वरी मातंगी मंदिर में करते हैं।
महाराज जी ने बताया कि मां मातंगी की साधना में उपवास या कठिन तप का स्थान नहीं है। वे इतनी करुणामयी हैं कि धाम आने वाला हर भक्त दुख लेकर आता है और समाधान पाकर लौटता है। यही कारण है कि मां मातंगी धाम को छत्तीसगढ़ का पहला त्रिकालदर्शी दिव्य दरबार माना जाता है, जहाँ भक्तों की समस्याओं का समाधान ‘पर्चा दर्शन’ के माध्यम से किया जाता है।
