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जगदलपुर, 14 सितंबर । छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना की रजत जयंती महोत्सव 2025 के उपलक्ष्य में आज रविवार काे शहर के शासकीय दंतेश्वरी पीजी महिला महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा महाविद्यालय में “छत्तीसगढ़ संस्कृति और विकास की 25वीं वर्षगांठ” पर सेमिनार का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. राजीव गुहे के संरक्षण एवं मार्गदर्शन में आयोजित की गई। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में विभागाध्यक्ष विधि काकतीय पीजी कॉलेज डॉ. मोहन सोलंकी उपस्थित थे। विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. प्रमोद कुमार शुक्ला, व्याख्याता (इंग्लिश), एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय करपावंड उपस्थित हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और बीए थर्ड सेमेस्टर की छात्रा आस्था झा द्वारा सरस्वती वंदना से हुआ।
प्राचार्य डॉ राजीव गुहे ने अपने उद्बोधन में छत्तीसगढ़ और बस्तर के विकास की झलक के साथ छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राज्य के विकास के लिए संकल्पित लक्ष्यों को सभी के समक्ष रखा गया। मुख्य अतिथि डॉ. मोहन सोलंकी ने अपने व्याख्यान में जनजातियों के विकास में छत्तीसगढ़ राज्य शासन के योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने जनजातियों को सामाजिक भेदभाव और पिछड़ेपन को दूर करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का उल्लेख किया, जैसे कि शिक्षा और कौशल विकास, कृषि उत्पादन समग्र अभियान, सेवा केंद्र, पर्यटन और स्वरोजगार योजनाएं। इसके अलावा, उन्होंने बस्तर में जनजातियों के संरक्षण के लिए चलाई जा रही योजनाओं और संवैधानिक प्रावधानों पर भी चर्चा की। इसके बाद डॉ. प्रमोद शुक्ला ने बस्तर की संस्कृति और धरोहर पर व्याख्यान प्रस्तुत किया, जिसमें उन्होंने बस्तर दशहरा, पर्यटन स्थलों और छत्तीसगढ़ की बोलियों के महत्व पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें महाविद्यालय की छात्राओं ने छत्तीसगढ़ी लोक नृत्य का शानदार प्रस्तुतिकरण दिया। इसके बाद छात्राओं ने छत्तीसगढ़ के 25 वर्षों के विकास और पहचान की कहानी पर आधारित नुक्कड़ नाटक का मंचन किया। इस कार्यक्रम के दौरान डॉ. प्रिंसी दुग्गा और शबाना बेगम, डॉ गुलाब चंद साहू द्वारा सफल आयोजन के लिए विशेष योगदान दिया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक एवं बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहे।
