इंदौर: भारत के सबसे बड़े क्रिप्टो ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म कॉइनस्विच ने H1 2025 के लिए इंदौर के क्रिप्टो निवेशकों के ट्रेडिंग पैटर्न पर नए इनसाइट्स जारी किए हैं।
प्लेटफॉर्म पर सूचीबद्ध 350+ कॉइनों की गतिविधि के गहन विश्लेषण के आधार पर, डेटा से पता चलता है कि इंदौर के नागरिक क्रिप्टो के साथ किस तरह से जुड़ रहे हैं। यह निष्कर्ष शहर की तेजी से विकसित होती क्रिप्टो रुचि की स्पष्ट तस्वीर पेश करते हैं, जो निवेशकों की बढ़ती परिपक्वता और विविधता को दर्शाता है।
इस लिस्ट में सबसे ऊपर Ripple (XRP) है, जो कुल ट्रेडिंग गतिविधि का 8.7% हिस्सा रखता है, जो इस एसेट में निरंतर रुचि दर्शाता है। पारंपरिक बाज़ार के नेता बिटकॉइन (4.4%) और एथेरियम (4.2%) निवेशकों के पोर्टफोलियो का मूल आधार बने हुए हैं, जो ब्लू-चिप संपत्तियों में दीर्घकालिक भरोसे को दर्शाता है।
ऑल्टकॉइनों में डोजकॉइन (3.3%) और ट्रंप (3%) लोकप्रिय विकल्प बनकर उभरे, वहीं MOG (2.8%), POL (2.2%), OM (2.1%) और PEPE (2%) ने स्पेक्युलेटिव और नए-नवेले टोकनों के प्रति निवेशकों की रुचि को और भी पुख्ता किया। खास बात यह रही कि एक नए प्रवेशक, MEMEFI ने 2% ट्रेडिंग गतिविधि पर कब्जा जमाया और इंदौर के सबसे ज्यादा ट्रेड किए गए एसेट्स की सूची में जगह बना ली।
कॉइनस्विच के सह-संस्थापक आशीष सिंघल ने कहा, “ये आंकड़े इंदौर के क्रिप्टो इकोसिस्टम की एक दिलचस्प कहानी बताते हैं। XRP का दबदबा यह दिखाता है कि निवेशक स्थापित एसेट्स पर भरोसा कर रहे हैं, जबकि MEMEFI और MOG जैसे टोकनों का उभार यह साबित करता है कि वे नए अवसरों की खोज के लिए भी तैयार हैं। निवेशक रणनीति और सहजता—दोनों का संतुलन बना रहे हैं, जो हमारी कम्युनिटी की गहराई और परिपक्वता को दर्शाता है।”
ये आंकड़े इस बात को रेखांकित करते हैं कि इंदौर धीरे-धीरे एक परिष्कृत क्रिप्टो मार्केट बनता जा रहा है, जहां स्थिरता चाहने वाले निवेशकों से लेकर जोखिम लेने वाले स्पेक्युलेटिव ट्रेडर्स तक मौजूद हैं। यह तस्वीर भारत में विविध और गतिशील क्रिप्टो अपनाने को साफ तौर पर सामने लाती है।
