नगर में झोलाछाप डॉक्टरों का मकड़जाल संगठन के माध्यम से सिंडिकेट संचालित
नलखेड़ा/माधव एक्सप्रेस (प्रदीप चौबे) :- नगर व ग्रामीण क्षेत्र में इन दिनों झोलाछाप डाॅक्टरों का मकड़जाल फैला हुआ है। इन नीम हकीमो द्वारा अपने अवैध दवाखाने में मौसमी बीमारियों के इलाज से लेकर बाकायदा डिलीवरी, आंखों का इलाज, दांतों का इलाज, पाइल्स का इलाज लेकर पथरी जैसे अन्य गंभीर बीमारियों तक का इलाज किया जाता हैं। मौसम में हो रहे असामान्य उतार चढ़ाव के कारण इन दिनों पूरे क्षेत्र मे वायरल इंफेक्शन जैसी बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ रही है।
नगर में जाल फैला बैठे इन झोलाछाप डॉक्टरों के दवाखाने पर भोलेभाले ग्रामीणजन इलाज करवाने जाते है।
बिना किसी वैध डिग्री के झोलाछाप डॉक्टर के द्वारा बड़े-बड़े अवैध निजी क्लीनिक खोलकर, इलाज के नाम पर मरीजों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं।
नगर के शहरी क्षेत्र चौक बाजार से लगाकर सरदार पटेल चौराहे तक, तहसील चौराहा पर, भेसौदा रोड, जायसवाल कॉलोनी, नीमा कॉलोनी, खंडेलवाल कॉलोनी समेत आस पास के ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में झोलाछाप डॉक्टर धड़ल्ले से लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रहे हैं। बिना डिग्री के ये डॉक्टर गंभीर से गंभीर असाध्य बीमारियों का इलाज गारंटी से करने की बात कहकर दवाइयां भी अपने पास से देकर मरीजों से मोटी रकम वसूल रहे हैं। खास बात यह है कि यह गोरखधंधा स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की नाक के नीचे खुले आम हो रहा है लेकिन कोई भी जिम्मेदार अधिकारी इन पर उचित कार्रवाई नहीं कर पा रहा है।
गौरतलब है कि जिले में मौजूद सभी झोलाछाप डॉक्टरों के द्वारा संगठन के माध्यम से सिंडिकेट को संचालित किया जा रहा है। सूत्र बताते हैं कि झोलाछाप डॉक्टरो के दवाखानों पर सभी प्रकार की दवाइयां, इंजेक्शन, बाटल मौजूद है जो मरीज को डॉक्टर के पास से ही दिये है।
इन झोलाछाप डॉक्टरो के संगठन के दबाव एवं प्रभाव के चलते जिले के जिम्मेदार अधिकारी कोई भी प्रभावी कार्यवाही करने से बचते हैं। यदि कोई गंभीर मरीज की तबीयत बिगड़ जाने पर मामला समाचार पत्रों में खबर प्रकाशित होने पर दिखावे की कार्यवाही कर अस्पताल को सील भी कर देते हैं। पूर्व में भी नगर नलखेड़ा में लक्ष्य हॉस्पिटल को सील किया गया था जिसका आज भी संचालित होना स्वास्थ्य विभाग की विभागीय कार्यवाही पर सवालिया निशान खड़े करता है।
फर्जी होती है डिग्रियां
झोलाछाप डॉक्टरों के पास आरएमपी, एमडीबी, एएमएस (अल्टरनेटिव), बीवाईपीएस (बायोकेमिकल), वीईएचएमएस (इलेक्ट्रो होम्योपैथी) जैसी डिग्रियो की चिकित्सीय पद्धति से विपरीत एलोपैथिक पद्धति से इलाज होता हैं। ये सारी डिग्रियां फर्जी की श्रेणी में आती है।
जिम्मेदार बोले
मामले में जब जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी आगर से फोन के द्वारा संपर्क किया गया तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
जिले से झोलाछाप डॉक्टरो पर कार्यवाही करने के लिए टीम बनाई गई है। जिले से कार्यवाही हेतु कोई वरिष्ठ अधिकारियों की टीम या विभागीय आदेश आता है तो हमारे द्वारा जाकर कार्यवाही की जाएगी।
विजय यादव, बीएमओ नलखेड़ा
