महंत श्री विनितगिरी महाराज ने विधि विधान से किया भगवान नागचंद्रेश्वर का पूजन
उज्जैन । साल में एक बार नाग पंचमी के अवसर पर खुलने वाले भगवान श्री नागचंद्रेश्वर के पट रात्रि 12 बजे खोले गए । सर्वप्रथम मंदिर के पट खुलने के बाद श्री पंचायती महानिर्वाणी अखाडा श्री महाकालेश्वर मंदिर के महंत श्री विनीतगिरी महाराज जी ने विधि-विधान से श्री नागचंद्रेश्वर भगवान का पूजन अर्चन किया।
इस अवसर पर प्रभारी मंत्री श्री गौतम टेटवाल, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती सम्पतिया उइके,विधायक श्री अनिल जैन कालूहेङा उपस्थिति रहें |
श्री नागचंद्रेश्वर की प्रतिमा के पूजन के पश्चात श्री नागचंद्रेश्वर के शिवलिंग का पूजन और अभिषेक किया गया । पूजन अर्चन के बाद भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन आम दर्शनार्थियों के लिए खोल दिए गए।पूजन अर्चन के बाद भगवान श्री नागचंद्रेश्वर के दर्शन आम दर्शनार्थियों के लिए खोल दिए गए। साल में एक बार खुलने वाले भगवान श्री नागचंद्रेश्वर के दर्शन के लिए 28 जुलाई 2025 की रात से ही कतार में लगकर श्रद्धालु पट खुलने का इंतजार कर रहे थे ।
श्री महाकालेश्वर भगवान को भस्मार्ती में रजत शेषनाग धारण करवाया गया।
श्री महाकालेश्वर मंदिर में नागपंचमी के पर्व पर श्री महाकालेश्वर भगवान को शेषनाग धारण करवाया गया। कोटितीर्थ कुंड पर श्री आशीष पुजारी द्वारा श्री शेषनाग भगवान के पंचामृत, पूजन-अर्चन-आरती के पश्चात श्री महाकालेश्वर भगवान को भस्मार्ती में रजत के शेषनाग धारण करवाये गये।
अपराह्न 12 बजे हुई अखाड़े से पूजन, पूजन उपरांत श्री महाकालेश्वर के शिखर का ध्वज भी बदला
श्री महाकालेश्वर मंदिर के द्वितीय तल पर श्री नागचन्द्रेश्वर भगवान की अपराह्न 12 बजे श्री पंचायती महानिर्वाणी अखाड़ा के महंत श्री विनितगिरी जी महाराज द्वारा पूजन किया गया। पूजन पश्यात श्री महाकालेश्वर मंदिर के शिखर पर लगाये जाने वाले ध्वज का पूजन कर नवीन ध्वज लगाया गया।
श्री महाकालेश्वर की सायं आरती के पश्चात श्री नागचंद्रेश्वर भगवान की पूजन-आरती श्री महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी-पुरोहित द्वारा की गई। पूजन के दौरान भी श्री नागचंद्रेश्वर भगवान के दर्शन सतत चालू रहे।
वर्ष में एक बार खुलने वाले भगवान श्री नागचंद्रेश्वर के दर्शन के लिये हर श्रद्धालु आतुर रहते है और दूर-दूर से लोग यहां दर्शन लाभ लेने के लिये आते हैं। श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की पीआरओ श्रीमती गौरी जोशी से प्राप्त जानकारी अनुसार रात्रि 12.15 से समाचार लिखे जाने तक कुल 07 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने भगवान श्री नागचन्द्रेश्वर जी के दर्शन का लाभ लिया।