गिल-रोहित का तूफान, वेस्टइंडीज पस्त; भारत ने 406 रन का लक्ष्य चेज कर रचा इतिहास
Spread the loveगुवाहाटी। भारत और वेस्टइंडीज के बीच...
Spread the loveगुवाहाटी। भारत और वेस्टइंडीज के बीच...
Spread the love1st Octobe Rule Changer: हर महीने...
Spread the loveरायपुर- महानदी जल विवाद को लेकर...
नई दिल्ली,(माधवएक्सप्रेस)। राज्यसभा में मंगलवार को ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा की शुरुआत कर केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने देश की सैन्य कार्रवाई और राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने दो टूक कहा कि भारत आतंकवाद का मुकाबला करने में पूरी तरह सक्षम और तैयार है। “हम जो कहते हैं, वहां करते हैं,” यह बात उन्होंने राज्यसभा में जोर देकर कही। रक्षा मंत्री ने ऑपरेशन महादेव’ का उल्लेख कर कहा कि इसमें 3 आतंकियों को मार गिराया गया था। उन्होंने बताया कि ये आतंकी हाल ही में हुए पहलगाम हमले से जुड़े थे। रक्षा मंत्री सिंह ने कहा कि भारत की कार्रवाई केवल जवाबी नहीं, बल्कि रणनीतिक और न्यायसंगत थी। “हमारी कार्रवाई आत्मरक्षा में की गई थी, और यह अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे में रहकर की गई थी।” रक्षा मंत्री सिंह ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के तहत सेनाओं ने बेहद सुनियोजित तरीके से 9 आतंकी ठिकानों पर सर्जिकल स्ट्राइक की। अभियान में लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे संगठनों से जुड़े 100 से अधिक आतंकी, उनके ट्रेनर और हैंडलर मारे गए। उन्होंने कहा, “भारत एक जिम्मेदार वैश्विक शक्ति है। ऑपरेशन सिंदूर लांच करने से पहले हर पहलू पर गहन अध्ययन किया गया। हमारी प्राथमिकता युद्ध नहीं, बल्कि सीमाओं की रक्षा और जनता की सुरक्षा है।” रक्षा मंत्री ने कहा कि भारतीय वायुसेना ने दुश्मन के एयरफील्ड पर सटीक प्रहार किया, जिससे पाकिस्तान की सेना में खलबली मच गई। इसके बाद पाकिस्तानी सेना के डीजीएमओ की ओर से भारत से संघर्ष रोकने की अपील की गई। राजनाथ सिंह ने कहा कि इस ऑपरेशन ने न केवल दुश्मन को करारा जवाब दिया, बल्कि सेना के साहस और मनोबल को भी उजागर किया। “हमारे सैनिक न केवल सीमाओं की रक्षा करते हैं, बल्कि हमारे स्वाभिमान की भी रक्षा करते हैं। राज्यसभा में रक्षा मंत्री का संबोधन मोदी सरकार के आतंकवाद के प्रति ‘कठोर लेकिन जिम्मेदार’ नीति का स्पष्ट संदेश था, जिसे सत्ता पक्ष ने देशभक्ति और निर्णायक नेतृत्व का उदाहरण बताया।
