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उज्जैन,(माधवएक्सप्रेस)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में विक्रम विश्वविद्यालय में हो रहे सर्वांगीण विकास में कार्यपरिषद् सदस्य और कुलगुरु के महत्वपूर्ण योगदान पर गुरुवार को सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय प्राध्यापक कल्याण परिषद द्वारा सारस्वत सम्मान 2025 कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।
सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय प्राध्यापक कल्याण परिषद के अध्यक्ष एवं कार्यक्रम संयोजन डॉ. हेमंत लोदवाल ने यह जानकारी देते हुए बताया कि विक्रम विश्वविद्यालय ने विगत 2 वर्षों में गौरवशाली उपलब्धियां हासिल की है और इस उपलब्धि में सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा विक्रम विश्वविद्यालय को सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय का नामकरण किया जाना शामिल है जिससे इस विश्वविद्यालय की पहचान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने का सराहनीय कदम है।
डॉ. लोदवाल ने बताया कि विश्वविद्यालय को पी.एम. उषा के तहत 100 करोड़ रु. की राशि स्वीकृत होना भी महत्वपूर्ण उपलब्धि है जिससे इस विश्वविद्यालय के परिसर को विकसित किया जाएगा और अध्ययनशालाओं को समृद्ध किया जाएगा और इसके साथ ही विश्वविद्यालय ने जो पूरे प्रदेश में महत्वपूर्ण गौरव बढ़ाया है वह अपने अकादमिक शैक्षणिक समय सारणी में परीक्षाएं संपन्न करने वाला रहा है और इनके परिणाम अकादमिक सत्र के पूर्व ही घोषित कर विश्वविद्यालय का नाम गौरांवित करवाने वाला रहा है।
डॉ. लोदवाल ने बताया कि इस कार्यक्रम में माननीय कार्यपरिषद् सदस्य श्री राजेश सिंह कुशवाह, श्री वरुण गुप्ता, श्रीमती मंजूषा मिमरोट, श्रीमती कुसुमलता निगवाल, श्री रूप पमनानी और डॉ. संजय वर्मा का सारस्वत सम्मान इनके द्वारा विश्वविद्यालय को उल्लेखनीय उपलब्धि प्राप्त करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए किया जा रहा हैं।
इसी प्रकार माननीय कुलगुरु प्रो. अर्पण भारद्वाज का भी इस विश्वविद्यालय को उपलब्धि की ओर अग्रसर करने के लिए उनकी प्रशासनिक और अकादमिक कार्यशैली से उपलब्धियों को अमलीजामा पहनाने के योगदान हेतु सारस्वत सम्मान किया जा रहा हैं।
विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन के कुलसचिव डॉ. अनिल कुमार शर्मा का भी इस आयोजन में सम्मान किया जाएगा जिन्होंने अपनी लगनशीलता और परिश्रम से विश्वविद्यालय के प्रशासनिक कार्यों को सफलता के साथ निर्वहन किया है।
डॉ. लोदवाल ने बताया कि जिनका सारस्वत सम्मान किया जा रहा है उनके द्वारा विश्वविद्यालय में डेयरी टेक्नोलॉजी सहित प्रोफेशनल पाठ्यक्रमों को प्रारंभ करवाकर विश्वविद्यालय के गौरव में वृद्धि की है और खेलों के प्रोत्साहन हेतु खेल पाठ्यक्रमों को प्रारंभ करवाया है। इसके साथ ही पीएचडी प्रवेश परीक्षा में सर्वोच्च अंक प्राप्त विद्यार्थियों को प्रोत्साहन राशि की स्वीकृति करके शोध एवं अनुसंधान की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इसी तरह विक्रम विश्वविद्यालय की विभिन्न अध्ययनशालाओं में कार्यरत अतिथि विद्वानों और विजिटिंग विद्वानों के मानदेय में उच्च शिक्षा विभाग भोपाल के परिपालन में वृद्धि करके फैकल्टी को गौरव प्रदान करवाया है और इन्हें विश्वविद्यालय की विभिन्न शैक्षणिक, सांस्कृतिक, अकादमिक, बौद्धिक आयोजनों की समितियों में नामांकित कर इनके गौरव में वृद्धि की है। इसके अलावा छात्रावास के विकास एवं नवीनीकरण में पूर्ण सहयोग प्रदान कर विश्वविद्यालय का गौरव बढ़ाया है।
डॉ. लोदवाल ने बताया कि सारस्वत सम्मान का यह आयोजन 24 जुलाई गुरुवार सायं 6:30 बजे स्वर्ण जयंती सभागार में आयोजित किया गया जिसमें विश्वविद्यालय के समस्त पदाधिकारी एवं विभागाध्यक्षों और शिक्षकों की भागीदारी होगी।
