उज्जैन,(माधवएक्सप्रेस) उज्जैन की एक मेहनती महिला श्रीमती कला बाई वर्षों से अपने परिवार का पालन-पोषण मजदूरी और खेती के छोटे-मोटे कामों से कर रही थीं। हर दिन मेहनत कर के घर चलाना उनके लिए कोई नया काम नहीं था, लेकिन बीते कुछ महीनों में दवाइयों और इलाज पर बढ़ता खर्च उनके जीवन में परेशानियाँ बढ़ाने लगा। आमदनी सीमित थी और खर्चे दिन-ब-दिन बढ़ते जा रहे थे। ऐसे में कला बाई आर्थिक तंगी से गुजरने लगीं।
इन्हीं दिनों उन्हें मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की जानकारी मिली। उन्होंने तुरंत ही योजना में पंजीयन करवाया। जब उनका नाम पात्र बहनों की सूची में आया, तब से उन्हें हर महीने ₹1250 की राशि मिलनी शुरू हो गई।
यह सहायता राशि उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं रही। अब वो इस राशि से अपने अतिरिक्त खर्च, जैसे दवाइयों, घरेलू जरूरतों और बच्चों की छोटी ज़रूरतों को आसानी से पूरा कर पा रही हैं। उन्हें अब दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता।
हाल ही में उन्हें यह जानकारी भी मिली कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जो कि बहनों के लिए एक सच्चे “भैया” की तरह हैं, उन्होंने राखी के त्यौहार पर ₹250 की अतिरिक्त राशि देने की घोषणा की है। यह सुनकर कला बाई बहुत प्रसन्न हुईं। उनका मानना है कि सरकार ने केवल सहायता राशि नहीं दी, बल्कि उनके जीवन में सम्मान और आत्मविश्वास भी लौटाया है।
कला बाई ह्रदय से धन्यवाद देती हैं प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी को, जिन्होंने नारी सशक्तिकरण की यह मजबूत नींव रखी व मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी को, जिन्होंने बहनों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प लिया।
