बलरामपुर, 27 जून । छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राशन कार्ड में ओटीपी का आदेश राशन कार्डधारियों के लिए मुसीबत सबब बन चुका है। इस आदेश से ग्रामीण अंचल हो या शहरी क्षेत्र दोनों जगहों पर काफी समस्या उत्पन्न हो रही है। जहां नेटवर्क हमेशा धीमा चलता है अथवा लंबे समय तक गायब रहता है ऐसे में राशन दुकानदारों तथा राशन लेने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। न केवल गांव में बल्कि शहर में भी ओटीपी नंबर आने में एक दिन लग जा रहें हैं। लोग राशन कार्ड लिए दिन भर पीडीएस दुकान के सामने बैठे रहते हैं। कई लोगों को तो चार दिन बाद राशन मिला है। यहां के राशन लेने वाले या बांटने वाले दोनों का कहना है की फिंगरप्रिंट वाला सिस्टम ही ठीक था जिसमें 150- 200 ग्राहक को प्रतिदिन राशन मिल जाया करता था वहीं अब तो 10-15 को भी नही मिल पा रहा है। जिले में अब तक 48.98 प्रतिशत ही राशन का वितरण हो सका है। जिले में बीपीएल कार्डधारी दो लाख 20 हजार 293 है, वही एपीएल कार्डधारी 12 हजार 482 है।
शासन द्वारा एक जून से चावल उत्सव मनाया जा रहा है। इसके लिए विगत माह आदेश भी जारी किया गया है कि, जून, जुलाई व अगस्त तीन माह का राशन एक साथ कार्डधारियों को दिया जाएगा, लेकिन आदेश जारी करने के बाद नियम में बदलाव करने से अब अंगूठे से नहीं, बल्कि मोबाइल में ओटीपी आने से ही राशन मिलेगा। तीन माह के लिए छह बार ओटीपी आने पर ही हितग्राही राशन के हकदार होंगे। जगह का अभाव होने पर कई स्थानों पर तो तीन माह का राशन ही भंडारण नहीं हुआ है। ऐसे में भला हितग्राहियों को एक साथ तीन माह का विक्रेता राशन कैसे देंगे।
विगत एक जून से तीन माह का बरसात समय का एक साथ एकमुश्त राशन देने शासन द्वारा आदेश जारी किया गया है, लेकिन जिले में गिने चुने शासकीय उचित मूल्य की दुकानों विक्रेता द्वारा राशन वितरण किया जा रहा है। दरअसल, तीन माह का राशन वितरण के लिए एक कार्डधारी को 20 से 30 मिनट का समय लग रहा है। पुरानी ई-पॉस मशीन में अंगूठा का विकल्प समाप्त होने से अब नई मशीन में ओटीपी से राशन वितरण हो रहा है। ओटीपी आने पर ही राशन के हकदार एक राशन कार्ड धारी को राशन के लिए उनके मोबाइल में पांच से छह बार ओटीपी आने पर ही वे राशन लेने के हकदार हो रहे हैं। कई बार सर्वर समस्या आने पर पांच छह की जगह सात बार ओटीपी आने पर ही राशन सबमिट हो रहा है। पूर्व में अंगूठा लगाने पर ही तत्काल एक मिनट के अंदर हितग्राही को एक माह का राशन प्राप्त हो जाता था। लेकिन, नियम में बदलाव से अंगूठा प्रक्रिया बंद होने से मोबाइल में ओटीपी आने पर ही राशन उनके नाम पर जारी हो रहा है।
