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बलरामपुर, 19 मई । बलरामपुर जिले के सरहदी क्षेत्र में बहने वाली कन्हर नदी आज अचानक सुख गई। एनीकेट के लगभग सभी गेट से पानी का प्रवाह तेजी से बहने लगा। जिससे देखते ही देखते पूरी नदी सुख गई। जिसके बाद मछली मारने के लिए मछुआरों की होड़ मच गई। सोई हुई जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की अचानक नींद खुली और गेट से लीक कर रहे पानी को बंद करने में जुट गई, विभाग के अधिकारियों का कहना है कि, मछुआरों ने गेट में लगे रेत के बोरी को हटाया है, जिससे पानी लीक हुआ और मछली मारने के लिए होड़ मच गई। फिलहाल मिली शिकायत पर रामानुजगंज पुलिस जांच कर रही है।
मिली जानकारी के अनुसार, आज सुबह एनीकेट के लगभग सभी गेट से पानी तेजी से बहने लगी। इसी बीच मछली मारने के लिए मछुआरों के बीच होड़ मच गई। बड़ी संख्या में आसपास से मछुआरे जाल से मछली मारने लगे। सुबह के करीब 9 बजे पूरी कन्हर नदी सुख गई। सूचना मिलते ही जल संसाधन विभाग के एसडीओ जीडी गैंडरे मौके पर पहुंचे। इसके बाद बाहर निकाले गए सभी रेत के बोरियों को वापस उनको अपनी जगह पर रखा गया। अधिकारियों ने बताया कि, हो न हो यह काम मछुआरों का ही है। क्योंकि पानी का प्रवाह तेज हो गया है, इसकी सूचना बड़े पैमाने में मछुआरों को कैसे पता चली। पानी का प्रवाह तेज करने के लिए मछुआरों ने पहले से लगाए गए एनीकेट के गेट से रेत की बोरियों को हटाकर बाहर निकाल दिया था। जिसके बाद मछुआरे गेट के पास मछली की जाल लेकर मछली मारने लगे।
यह मामला पहला नहीं है। यहां हर वर्ष नदी में जहरीली पदार्थ डालकर मछुआरे मछली मारते है लेकिन इसका विरोध नहीं होने और सख्त कार्रवाई नहीं होने पर इनका मनोबल बढ़ा हुआ है। बताया जा रहा कि, बीते वर्ष भी यही स्थिति उत्पन्न हुई थी तब विभाग के अधिकारियों ने इसकी शिकायत पुलिस से की थी लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। फिलहाल इस बार भी जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने इस पूरे मामले को लेकर शिकायत की है। अब देखना है कि इस पर पुलिस क्या कार्रवाई करती है।
नगर की जीवनदायिनी कन्हर नदी लगभग 25 हजार लोगों की गर्मियों में प्यास बुझाती है। इससे सिर्फ मनुष्य ही नहीं बल्कि पशु पक्षियां भी गर्मियों में इसी पानी से निर्भर रहते है। एका-एक पानी के सूखने से जल संकट गहरा सकता है। इस मामले में जल संसाधन विभाग के ईई एनपी डहरिया ने बताया कि, बीते देर रात अज्ञात लोगों ने गेट को क्षति पहुंचाकर पानी को बहा दिया। जिससे रामानुजगंज में पेय संकट उत्पन्न हो गया है। हमने इसकी लिखित शिकायत रामानुजगंज पुलिस को दी है। फिलहाल इसे बंद करने की कोशिश में हम सभी जुट हुए हैं। एनीकेट के गेट खराब हो चुके हैं। गेट की पत्तियां सड़कर झड़ गए हैं। इसका डीपीआर बनाकर शासन को भेजा हुआ है। जैसे ही सैंक्शन होता है गेट को ठीक करवा देंगे।
