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जयपुर, 19 मई । सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी सोमवार को राजस्थान के रेगिस्तानी क्षेत्र में पहुंचे। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायु सेना तथा सीमा सुरक्षा बल के साथ समन्वय में की गई संयुक्त कार्रवाइयों की समीक्षा के लिए कोणार्क कोर के अग्रिम क्षेत्रों में लौंगेवाला का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने सैनिकों की अनुकरणीय भूमिका के लिए बधाई दी है।
डिफेंस पीआरओ लेफ्टिनेंट कर्नल निखिल धवन ने जानकारी दी कि जैसलमेर से कच्छ क्षेत्र तक फैले रेगिस्तान में भारतीय सेना, भारतीय वायु सेना और बीएसएफ की ओर से त्वरित और समन्वित परिचालन प्रतिक्रिया देखी गई। इन संयुक्त कार्रवाइयों ने न केवल दुश्मन के इरादों को कुंद किया, बल्कि पश्चिमी मोर्चे पर परिचालन प्रभुत्व बनाए रखने में एक नया सामान्य भी स्थापित किया। ऑपरेशन सिंदूर के हिस्से के रूप में भारतीय सेना ने वायुसेना और सीमा सुरक्क्षा बल के साथ घनिष्ठ समन्वय में निगरानी परिसंपत्तियों और वायु रक्षा प्रणालियों की तेजी से तैनाती की। नागरिक प्रशासन के समर्थन के साथ संरेखित हथियार प्रणालियों और अन्य परिचालन सक्षमताओं की कैलिब्रेटेड स्थिति ने प्रभावी क्षेत्र वर्चस्व और संभावित खतरों को बेअसर करना सुनिश्चित किया।
कोणार्क कोर के सैनिकों के साथ बातचीत के दौरान सेना प्रमुख ने अंतरराष्ट्रीय सीमा की रक्षा में उनकी वीरता, अटूट प्रतिबद्धता और दृढ़ निश्चय की सराहना करते हुए एक उत्साही “शाबाश!” का आह्वान किया। उन्होंने सैनिकों की उनकी सतर्क कार्रवाइयों के लिए प्रशंसा की। कहा कि दुश्मन के ड्रोन घुसपैठ को सफलतापूर्वक बेअसर किया गया। जिसके कारण रेगिस्तानी क्षेत्र में दुश्मन द्वारा किसी भी दुस्साहस को प्रभावी ढंग से रोका।
जनरल द्विवेदी ने कमांडरों और इकाइयों की उनकी व्यावसायिकता, उच्च मनोबल और परिचालन योजनाओं के एकीकृत निष्पादन के लिए भी सराहना की। उन्होंने सेना की सम्मान की परंपरा और निर्णायक ताकत के साथ भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए इसकी अडिग तत्परता पर प्रकाश डाला। राष्ट्रीय संप्रभुता की रक्षा करने और गतिशील सुरक्षा वातावरण के बीच उच्च परिचालन तैयारियों को सुनिश्चित करने के लिए भारतीय सेना की प्रतिबद्धता की पुष्टि की। सेना प्रमुख ने गर्मियों की चरम स्थितियों के बीच कठोर रेगिस्तानी इलाकों में सेवा करने वाले पुरुषों और महिलाओं के धैर्य की सराहना करते हुए राष्ट्रीय उद्देश्यों की रक्षा में उनकी अथक सेवा के लिए प्रशंसा व्यक्त की।
