महासमुंद, 15 मई । छत्तीसगढ़ शासन की रजिस्ट्री की दस नई क्रांतियों पर एक दिवसीय जिलास्तरीय कार्यशाला आज गुरुवार काे जिला पंचायत के सभाकक्ष में सांसद रूपकुमारी चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। कार्यशाला में जिला पंचायत अध्यक्ष मोगरा पटेल, जनपद अध्यक्ष बसना डिलेश्वरी निराला, जनपद सदस्य विजयलक्ष्मी जांगड़े, कलेक्टर विनय कुमार लंगेह, अपर कलेक्टर रवि कुमार साहू, जिला पंजीयक रूपाली बोस एवं राजस्व एवं पंजीयन विभाग के अधिकारी, स्टाम्प वेंडर शामिल हुए।
इस अवसर पर सांसद रूपकुमारी चौधरी ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने पंजीयन कार्यों को पारदर्शी, डिजिटल और भ्रष्टाचार रहित बनाने के लिए ऐतिहासिक पहल की है। इससे रजिस्ट्री की 10 क्रांतियों से आमजनों एवं किसानों को त्वरित लाभ मिलेगा। रजिस्ट्री, नामंतरण में जो समस्या आती थी उसे दूर करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने 10 क्रांति लाई है, जिससे पारदर्शी ढंग से रजिस्ट्री का कार्य पूर्ण होगा। राजस्व से जुड़े कार्यों के लिए अब लोगों को कार्यालयों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। पंजीयन के साथ अब नामांतरण का कार्य भी तत्काल होगा। उन्होंने कहा कि राजस्व रिकॉर्ड में त्रुटि का असर भूमिस्वामी पर पड़ता है, अब लोगों को इन समस्याओं से मुक्ति मिलेगी। रजिस्ट्री, नामंतरण एवं अन्य समस्याओं का हल निकालने सरकार का बेहतर प्रयास है। सरलीकरण एवं सुविधाओं का विस्तार भी किया जा रहा है। इससे नामांतरण की प्रक्रिया आसान हो जाएगी तथा साथ ही नागरिक डिजीलॉकर में सारे दस्तावेजों को सुरक्षित रख सकते हैं। उन्होंने बताया कि पारिवारिक दान, हक त्याग और बंटवारे पर पंजीयन शुल्क केवल 500 रुपये में होगा।
जिला पंचायत अध्यक्ष मोंगरा पटेल ने कहा कि वास्तव में यह योजना सुशासन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इससे रजिस्ट्री कार्य में सहुलियत होगी। उन्होंने मुख्यमंत्री एवं राजस्व मंत्री को इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए बधाई दिया।
कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार का सुशासन और समयबद्ध सेवा के लिए बहुत अच्छी पहल है। किसानों एवं नागरिकों को अब नामंतरण के लिए परेशानी नहीं होगी एवं सुविधाओं में विस्तार होगा। उन्होंने कहा कि 10 क्रांतियों से आमजनों के लिए रजिस्ट्री, नामतंरण संबंधी समस्याओं का सामना नहीं होगी। उन्होंने इस क्रांतिकारी पहल की प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए हैं।
पंजीयन विभाग द्वारा किए गए 10 नए सुधारों को लेकर मास्टर ट्रेनर दिनेश कोचे एवं देवराज साहू ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों को प्रेजेंटेशन के माध्यम से विस्तार से जानकारी दी तथा उनके शंकाओं का समाधान भी किया।
आधार आधारित प्रमाणीकरण सुविधा – पंजीयन साफ्टवेयर को आधार लिंक किया गया है, पंजीयन के समय क्रेता-विक्रेता एवं गवाहों की पहचान आधार रिकार्ड के माध्यम से की जाएगी, जिससे गलत व्यक्ति को खड़े कराकर पंजीयन नहीं हो सकेगा। आम जनता को फर्जीवाडे का शिकार नहीं होना पड़ेगा।
ऑनलाईन सर्च एवं डाउनलोड की सुविधा – आम आदमी वर्षों की जमा पूंजी लगाकर स्वयं का घर खरीदते है, इसलिए संपत्ती खरीदने से पहले पूरी जांच पड़ताल आवश्यक है। अभी रजिस्ट्री की जानकारी के लिए पंजीयन कार्यालय में स्वयं या वकील के माध्यम से उपस्थित होकर सर्च करना पड़ता है, ऑनलाईन सर्च का प्रावधान होने से खसरा नंबर डालते ही उस खसरे के पूर्व के समस्त लेनदेन की जानकारी एक क्लिक पर प्राप्त हो सकेगी।
भारमुक्त प्रमाण पत्र की सुविधा – भार मुक्त प्रमाण पत्र एक बहुत ही आवश्यक प्रमाणपत्र है जो संपत्ति खरीदने के पूर्व उसकी जानकारी उपलब्ध कराता है। यह प्रमाणपत्र अब आनलाइन ही प्रदाय किया जा सकेगा।
एकीकृत कैशलेस भुगतान की सुविधा- पहले रजिस्ट्री कराने के लिए स्टाम्प शुल्क और पंजीयन शुल्क का अलग अलग जगह और समय पर भुगतान करना पड़ता था। अब स्टाम्प एवं पंजीयन शुल्क को एक साथ लिये जाने के लिए एकीकृत कैशलस सिस्टम तैयार किया गया है। स्टाम्प एवं पंजीयन शुल्क का एकसाथ सुविधानुसार क्रेडिट डेबिट कार्ड, पीओएस मशीन, नेट बैंकिंग अथवा यूपीआई से फीस का भुगतान हो सकेगा।
व्हाट्सएप मैसेज सर्विसेज – व्हाट्सएप आज के समय में सर्वाधिक उपयोग हो रहा सोशल मीडिया प्लेटफार्म है। पंजीयन कराने वाले क्रेता-विक्रेता को अपॉइंटमेंट सहित पंजीयन होने तक सभी प्रकार के अपडेट एवं एलर्ट व्हाट्सएप में ही प्राप्त होंगे। रजिस्ट्री की प्रति भी व्हाट्सएप से ही डाउनलोड हो जायेगी। इस सुविधा के माध्यम से फीडबैक एवं शिकायतें भी व्हाट्सएप के माध्यम से की जा सकेंगी।
डिजीलॉकर की सुविधा – रजिस्ट्री दस्तावेजों को डिजिलॉकर में सुरक्षित स्टोर किया जाएगा, ताकि आवश्यकता पड़ने पर पक्षकार को आसानी से डिजीटल प्रमाणित दस्तावेज उपलब्ध हो जाए।
