ब्रेकिंग : छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने सहायक शिक्षक और शिक्षक भर्ती परीक्षा पर लगाई रोक, राज्य सरकार को दिए ये निर्देश …
Spread the loveबिलासपुर। छत्तीसगढ़ में सहायक शिक्षक और...
Spread the loveबिलासपुर। छत्तीसगढ़ में सहायक शिक्षक और...
Spread the loveरायपुर। छत्तीसगढ़ में बड़ी प्रशासनिक फेरबदल...
Spread the loveरायपुर। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत छत्तीसगढ़...
सूरजपुर, 15 मई । कलेक्टर एस. जयवर्धन की अध्यक्षता में आज गुरुवार को शिक्षा विभाग की मासिक समीक्षा बैठक रखी गई थी। जिसमें उन्होंने स्कूलों के परीक्षा परिणामों की समीक्षा की। जिला शिक्षा अधिकारी भारती वर्मा व प्रत्येक विकासखंड शिक्षा अधिकारी से बोर्ड परीक्षा परिणाम अंतर्गत हायर सेकेण्डरी एवं हाई स्कूल के रिजल्ट की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि, परीक्षा परिणामों की विद्यालयवार, विषयवार, शिक्षकवार समीक्षा करते हुए परिणामों के आधार पर प्रत्येक विद्यालय की सतत मॉनिटरिंग की जाये।
जिन विद्यालयों के परीक्षा परिणाम कम हुए हैं, वहां नवाचार करने एवं विशेष फोकस रखने की बात कहीं गई। इसके साथ ही अगले वर्ष जिले के परीक्षा परिणाम बेहतर आए इसके लिए जिला शिक्षा अधिकारी को एक कार्य योजना तैयार कर उसके सफल क्रियान्वयन हेतु निर्देशित किया गया। इस कार्य योजना में प्रत्येक स्कूल के प्रिंसिपल की उपस्थिति में नियमित समीक्षा बैठक लेने, प्रत्येक स्कूल के बच्चों की शत- प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने, समय पर विषयवार सिलेबस कंप्लीट करने के साथ-साथ रिवीजन और रेमेडियल क्लासेज (उपचारात्मक कक्षाएं) जैसे बिंदुओं को शामिल करने के निर्देश दिये गए।
बैठक में 16 जून से शिक्षण सत्र शुरू होने से पूर्व गणवेश और पाठ्य पुस्तक के वितरण हेतु समस्त तैयारियां सुनिश्चित करने हेतु दिशा निर्देश दिये गए। जिससे की बच्चों को तय समय पर गणवेश व पाठ्य पुस्तक प्राप्त हो सकें।
विद्यार्थियों में सिविक सेंस डेवल्प हो इसके लिए उन्होंने स्कूलों में इससे संबंधित गतिविधियां संचालित करने हेतु सभी बीईओ को निर्देशित किया गया। उन्होंने कहा विद्यार्थियों के अंदर सामाजिक कर्तव्यों के प्रति जागरूकता का भाव उत्पन्न हो, उन्हे ज्यादा से ज्यादा व्यवहारिक ज्ञान मिलें इसके लिए अच्छे गतिविधियों को चिन्हित कर उससे संबंधित कार्यक्रम स्कूलों में चलाये जाये। कचरा संग्रहण एवं निपटान, रोड सेफ्टी, नशा मुक्ति, गुडटच-बैडटच, साइबर फ्रॉड, बाल विवाह जैसी कुरूति को सिविक सेंस कार्यक्रम में शामिल किया जाये, ताकि बच्चों में जागरूकता बढ़े और इन्हे अपनाकर बेहतर भविष्य का निर्माण करें।
इसके साथ ही आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग की समीक्षा भी की गई। जिसमें छात्रावास एवं आश्रमों में स्वीकृत एवं प्रवेशित सीटों की जानकारी, भवन विहीन की स्थिति, मरम्मत, लघु निर्माण कार्याे की प्रगति की जानकारी, निर्माण कार्य की जानकारी, एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय भवन, अहाता निर्माण की जानकारी, देवगुड़ी निर्माण की जानकारी, आदिवासी सांस्कृतिक दलों को सहायता, मुख्यमंत्री आदिवासी परब सम्मान निधि योजना, व्यक्तिगत वन अधिकारी पत्र, सामुदायिक वन अधिकार पत्र, सामुदायिक संसाधन अधिकार पत्र, एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों के स्वीकृत एवं प्रवेशित सीटों की जानकारी, पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के ऑनलाईन भुगतान, अत्याचार निवारण अधिनियम एवं नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियाम के क्रियान्वयन की जानकारी, सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण स्वीकृत कार्याे की जानकारी एवं अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण स्वीकृत कार्याे की जानकारी जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की गई।
बैठक में सहायक आयुक्त घनश्याम, डीएमसी शशिकांत, सर्व बीईओ, एबीईओ, बीआरसी एवं मंडल संयोजक उपस्थित थे।
