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अररिया 05 अप्रैल। चैत्र मास में मनाया जाने वाला लोक आस्था के महापर्व छठ के अंतिम अर्थात चौथे दिन फारबिसगंज प्रखंड के परमान नदी सहित नहर,पोखर आदि में शुक्रवार की सुबह उदीयमान सूर्य को अर्घ्य प्रदान किया गया।चैती छठ को लेकर गुरुवार शाम को अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य प्रदान करने के बाद शुक्रवार सुबह में बड़ी संख्या में छठव्रती छठ घाट पर जमा हुए और विधि विधान के साथ भगवान भास्कर की पूजा अर्चना कर उगते सूर्य को अर्घ्य प्रदान किया।घाट छठ से जुड़े लोक गीतों से गुंजायमान रहा।छठव्रती भी छठ गीतों को गुनगुनाते रहे।घाट पर जाने के लिए भक्त घर से अपने माथे या ठेलागाड़ी पर डाला लेकर पहुंचे।
छठ को लेकर ज्योतिषाचार्य पंडित प्रमोद मिश्रा ने बताया कि किसी भी पर्व त्यौहार में उगते हुए सूर्य देव की ही पूजा अर्चना की जाती है, लेकिन छठ पूजा इसलिए भी खास है, क्योंकि यहां उगते और डूबते सूरज की पूजा की जाती है। मान्यता ऐसी है कि सूर्यास्त के बाद उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने से जीवन में चल रही सभी कठिनाइयां दूर होने के साथ सकारात्मक ऊर्जा का शरीर में संचार होता है। साथ ही सूर्य देव और छठी मां की कृपा से परिवार में सुख और शांति बनी रहती है।
