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इंदौर। शिव महापुराण की कथा जन्म जन्मांतर, कल्प कल्पांतर, देह देहांतर, युग युगांतर के पुण्य उदय करती है। गोविंदधाम, कुशवाह का बगीचा, खंडवा नाका पर श्री शिव महापुराण कथा के दौरान सोमवार को देवेंद्र पाराशर नागर के मुखारविंद से भगवान शिव की पत्रकार्थी और भगवान गणेश के जन्म की कथा सुनाई। बताया कि किस प्रकार भगवान गणेश ने अपने माता-पिता की परिक्रमा करके पूरी पृथ्वी की परिक्रमा का फल प्राप्त किया। हर मनुष्य को अपने माता-पिता की चरणों की पूजा करने मात्र से ही सारे तीर्थ का फल प्राप्त हो जाता है।
मुख्य यजमान मुकेश कुशवाह, मंजू कुशवाह ने बताया शिव पुराण की कथा आह्वान करते अपने जीवन को सुखमय करना चाहिए। शिव पुराण की कथा हमें जीवन जीने की कला सिखाती है। हमें भगवान शिव की भक्ति, उनकी गाथाओं का श्रवण करना चाहिए, ताकि हमारा मानस जन्म सुखमय बन सके। शिव महापुराण की कथा जीव के पूर्व जन्मों के समस्त पापों को दूर करके शिव कृपा का मार्ग प्रशस्त करता है। भगवान शिव की कथा से शरीर, वाणी, मन द्वारा किए गए पाप धूल जाते हैं। कलियुग में शिव कथा के समान कोई भी कल्याणकारी मार्ग सरल नहीं है।
