24 घंटे में ‘रामायण’ की अमेरिकी प्रीमियर एडवांस बुकिंग में 27% का उछाल, लॉस एंजिल्स प्रीमियर की सकारात्मक प्रतिक्रियाओं का दिखा असर
Spread the love रणबीर कपूर की ‘रामायण’ की...
Spread the love रणबीर कपूर की ‘रामायण’ की...
Spread the loveमुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव वर्चुअल माध्यम...
Spread the love उत्सव के पहले दिन साहित्य...
बीजापुर , 14 फ़रवरी । छत्तीसगढ़ वन कर्मचारी संघ के बैनर तले वन कर्मियों ने आज शुक्रवार काे प्रतिनियुक्ति के पदों पर पदोन्नति नहीं करने की शर्त के विराेध में सीसीएफ (मुख्य वन संरक्षक) को ज्ञापन सौंपा है। छत्तीसगढ़ वन कर्मचारी संघ द्वारा सौंपे गये ज्ञापन में कहा कि विभागीय सेटअप में उप वन क्षेत्रपाल के 655 पद एवं छ.ग. राज्य लघु वनोपज संघ के सेटअप में 90 पदों की स्वीकृति प्रदान करते हुए शासन के पत्र बिन्दु 3 (2) में यह शर्त लगाया गया है कि प्रतिनियुक्ति के पदो के विरूद्ध विभाग उन पदों को रिक्त मानते हुए पदोन्नति नहीं करेगा शर्त अनुसार विभाग से यदि संघ में 90 उप वन क्षेत्रपाल को भेजे जायेंगें तो विभाग में 90 पद रिक्त रखे जायेंगे। इससे यह स्पष्ट प्रतीत होता है कि 90 पदों में कर्मचारियों की पदोन्नति के अवसर समाप्त हो गए हैं। कर्मचारी नेताओं ने कहा है कि पूर्व में बनाए गए व्यवस्था अनुसार वनपालों को पदोन्नति देकर संघ में स्वीकृत 180 पदों पर न्यूनतम 1 वर्ष के लिए संघ में पदस्थ किया जाता रहा है। विभाग के नियमित सेटअप में पद रिक्त होने पर संघ में पदस्थ किए गए उप वन क्षेत्रपाल को 1 वर्ष बाद विभाग में वापस पदस्थापना कर उनके स्थानों पर वनपालों को पदोन्नत कर लघुवनोपज में प्रतिनियुक्त किया जाता रहा है। इसी रोटेशन से कार्रवाई की जाती थी। छ.ग. शासन के उक्त शर्त अनुसार 90 पदों पर पदोन्नति के अवसर पूर्णतया समाप्त हो गया है। छ.ग. वन कर्मचारी संघ मांग करता है कि शासन के उन शर्तों को विलोपित कर, पूर्व में बनाए गए व्यवस्था को लागू किया जाए। विश्वनाथ मांझी अध्यक्ष छग. वन कर्मचारी संघ जिला बीजापुर ने कहा कि पूर्व की व्यवस्था बहाल नहीं होने की स्थिति में समस्त वन कर्मचारी लघु वनोपज संघ के समस्त कार्यों का बहिष्कार करेंगे, जिसके लिए शासन-प्रशासन जवाबदेह होगा।
