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महाकुम्भ नगर,01 फरवरी । पतित पावनी मां गंगे, यमुना एवं अन्त: सलीला सरस्वती के पावन संगम तट पर बसंत पंचमी से पूर्व पावन अवसर पर पुण्य अर्जित करने को श्रद्धालुओं का आगमन तेज हो गया है। शनिवार 08 बजे तक 54.26 लाख से अधिक श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगा चुके है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर और अधिक कड़े इंतजाम किए गए है।
अपर मेला अधिकारी महाकुम्भ विवेक चर्तेदी ने बताया कि शनिवार की सुबह से अब तक 10 लाख से अधिक कल्पवासी तथा आने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या 44.26 लाख से अधिक पहुंच चुकी है। श्रद्धालु पतित पावनी मां गंगे, यमुना एवं अन्त:सलीला सरस्वती के पावन संगम के विभिन्न घाटों पर आस्था की डुबकी लगा रहें है।
महाकुम्भ में 144 वर्ष ऐसे पुण्य संयोग में 31 जनवरी तक 31.46 करोड़ से अधिक श्रद्धालु स्नान कर चुके हैं, तीर्थयात्रियों का आगमन जारी है। सुरक्षा के मद्देनजर सभी स्नान घाटों पर बचाव रात दल, जल पुलिस एवं गोताखोर लगातार निगरानी और कड़ी कर दी गई है। भीड़ पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए घाटों से स्नान कर चुके श्रद्धालुओं को हटाने के लिए लगातार आवाज लगाते हुए बाहर निकाला जा रहा है।
मेला क्षेत्र में 04 फरवरी तक वाहनों के प्रवेश पर जारी रहेगा प्रतिबंध
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महाकुम्भ एवं पुलिस आयुक्त प्रयागराज ने मेला क्षेत्र में प्रवेश करने वाले मार्ग पर सभी बड़े वाहनों के प्रवेश प्रतिबंध जारी है। यह प्रतिबंध 4 फरवरी तक एवं श्रद्धालुओं की भीड़ सामान्य होने तक आकस्मिक सेवा के लिए एम्बुलेंस एवं अग्निशमन को छोड़कर सभी के प्रवेश पर प्रतिबंध रहेंगे। प्रशासन का कहना है कि इन बदलावों का उद्देश्य कुम्भ क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे प्रशासन के दिशा निर्देशों का पालन करें और किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचाने में सहयोग करें।
