रायपुर, 17 जनवरी । राष्ट्रीय पटसन बोर्ड द्वारा 17 जनवरी से 26 जनवरी 2025 तक रायपुर सिटी सेंटर, अंबुजा मॉल, विधानसभा रोड, रायपुर में जूट-मेला का आयोजन किया जा रहा है।
इस मेले में पर्यावरण के अनुकूल जीवन शैली जूट उत्पादों का प्रदर्शन और बिक्री शामिल है। पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र आदि सहित देश के विभिन्न हिस्सों से आए लगभग 20 माइक्रो-जूट उद्यमी, एसएचजी, एनजीओ, एमएसएमई जूट इकाइयाँ अपने उपभोक्ता उत्पादों जैसे जूट हस्तशिल्प, फैंसी जूट बैग, जूट शॉपिंग बैग, उपहार आइटम, जूट वॉल-हैंगिंग, जूट फुटवियर, जूट ज्वेलरी, जूट फ्लोर कवरिंग आदि का प्रदर्शन करेंगी।
इस मेले का उद्घाटन आज, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के कुलपति, डॉ. गिरीश चंदेल ने किया। जूट उद्यमियों को स्टॉल निःशुल्क प्रदान किए जा रहे हैं । यह जूट-मेला प्रात: 11 बजे से रात्रि 8 बजे तक ग्राहकों के लिए खुला रहेगा।
जूट ने “बोरे” से “परिष्कार” तक का लंबा सफर तय किया है । आज कुछ विविध जूट उत्पाद (जेडीपी) पारखी लोगों की पसंद भी बन गए हैं । गोल्डन फाइबर” जूट एक पर्यावरण अनुकूल और बायोडिग्रेडेबल फाइबर है । आज, जूट को न केवल एक प्रमुख कपड़ा फाइबर के रूप में देखा जाता है, बल्कि उत्पादों के निर्माण के लिए एक कच्चे माल के रूप में भी देखा जाता है जो पर्यावरण की रक्षा करता है और पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखता है ।
कपड़ा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा स्थापित, राष्ट्रीय जूट बोर्ड (NJB) भारत और विदेशों में भारतीय जूट के लिए विभिन्न प्रचार कार्यक्रम संचालित कर रहा है । विभिन्न एनजेडीपी योजना और इसके परिचालन दिशानिर्देशों के अधिक विवरण के लिए, राष्ट्रीय पटसन बोर्ड की वेबसाइट www.jute.com का अवलोकन किया जा सकता है ।
