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मुंगेली/रायपुर, 15 जनवरी । मुंगेली जिले के सरगांव के रामबोड़ स्थित कुसुम स्टील प्लांट हादसे के मामले की जांच में तेजी लाने के लिए विशेष टीम का गठन कर दिया गया है। मुंगेली जिले के पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल ने आज उक्त जानकारी दी है और बताया है कि मामले की विस्तृत जांच के लिए 6 सदस्यीय जांच टीम का गठन किया है। दी गई जानकारी के अनुसार जांच टीम का पर्यवेक्षण डीएसपी नवनीत पाटिल करेंगे। वहीं टीआई संतोष शर्मा को जांच टीम का प्रभारी बनाया गया है। टीम को 15 दिनों के भीतर जांच पूरी करने का निर्देश दिया गया है।
उल्लेखनीय है कि बीते 9 जनवरी को मुंगेली जिले में रायपुर-बिलासपुर हाईवे पर स्थित लोहे की फैक्ट्री कुसुम प्लांट में चिमनी के गिर जाने से कई मजदूर दब गए थे। कुसुम स्मेल्टर्स प्राईवेट लिमिटेड पॉवर प्लांट में 4 मजदूर साइलो टैंक की चपेट में आने से नीचे दब गए। मौके पर एक मजदूर मनोज कुमार धृतलहरे का रेस्क्यू कर उसे इलाज के लिए बिलासपुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई है। वहीं भारी साइलो को हटाने के बाद मलबे के नीचे दबे तीन लोगों के शव बरामद किया गया। शवों की पहचान इंजीनियर बिलासपुर के सरकंडा निवासी जयंत साहू पिता काशीनाथ साहू के अलावा दो मजदूर – जांजगीर-चांपा जिला के तागा निवासी अवधेश कश्यप पिता निखादराम कश्यप और बलौदाबाजार जिले के अकोली निवासी प्रकाश यादव पिता परदेशी यादव के रूप में हुई थी।
इस घटना के बाद पुलिस ने प्रबंधन के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया था। प्लांट इंचार्ज अमित केड़िया, ऑपरेशन मैनेजर अनिल प्रसाद, प्रबंधन एवं अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है । इंजीनियर जयंत साहू के परिजनों ने संयंत्र प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाये थे। उनका कहना था कि, घटना के बाद भी परिजनों को सूचना नहीं दी गई थी। परिजनों को प्लांट प्रबंधन और प्रशासन गुमराह करते रहे थे।
