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पूर्वी चंपारण,11 जनवरी। बिहार में पूर्वी चंपारण जिला मुख्यालय मोतिहारी शहर के मिस्काॅट मुहल्ला निवासी एक कारीगर ने अनोखा चूल्हा का इजाद किया है। जो बिना बिजली,कोयला या गैस का उपयोग किये बेकार पड़े भूसे से जलता है।
सबसे बड़ी बात तो यह है,कि इस चूल्हे से महज एक रुपये खर्च कर करीब दस लोगो का भोजन तैयार हो सकता है। अशोक ठाकुर नाम के इस कारीगर का शहर के मीनाबाजार में एक छोटी सी दुकान है,जहां वे ऐसे जुगाड़ वाले छोटे मोटे आविष्कार करते रहते है।
संघर्षपूर्ण जीवन व्यतीत कर रहे अशोक ठाकुर बताते है,कि गैस की कीमत में बढोत्तरी के बाद मैने देशी जुगाड़ वाले इस चूल्हे का इजाद किया। इस चूल्हे ने हमें राष्ट्रपति तक से सम्मानित होने का अवसर प्रदान किया,लेकिन सरकार से कोई मदद नही मिली।
उन्होंने बताया कि चूल्हे को बनाने में आठ सौ रुपये खर्च आता है जिसमें मात्र एक रुपये लागत वाली भूसे की ईंधन से पूरे परिवार का खाना बनाया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि पशुपालक अपने मवेशियों के लिए दाना बनाने के लिए अब चूल्हे का उपयोग करने लगे है। अशोक ठाकुर ने बताया कि खेतों में पराली जलाने से रोकने के लिए अब कृषि विभाग इस चूल्हे को किसानों को सब्सिडी पर देना शुरू किया है, ताकि लोग पराली जलाने के बजाय उसके भूसा का प्रयोग कर अपने घर के लोगों का भोजन कम कीमत पर तैयार कर सके।
