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जशपुर /रायपुर, 8 जनवरी । छत्तीसगढ़ के जशपुर से भाजपा विधायक रायमुनि भगत पर ईसा मसीह के खिलाफ कथित तौर पर विवादित टिप्पणी मामले में एक साल बाद न्यायालय के आदेश के बाद मंगलवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट अनिल चौहान ने मामले को सुनवाई योग्य मानते हुए विधायक रायमुनी भगत के खिलाफ बीएनएस की धारा 196, 299 और 302 के तहत अपराध पंजीबद्ध करने का आदेश दिया है । सुनवाई के दौरान कोर्ट ने विधायक को नोटिस जारी कर 10 जनवरी को अपना पक्ष रखने को कहा है। इस मामले में विधायक ने कोई भी प्रतिक्रिया अभी तक नहीं दी है।
उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष एक सितम्बर 2024 को जशपुर जिले के आस्ता थाना अंतर्गत ढेगनी गांव में भुइहर समाज के सामजिक भवन के लोकार्पण कार्यक्रम में विधायक रायमुनि भगत पर उनके सम्बोधन के दौरान मतांतरित लोगों ने ईसा मसीह के खिलाफ कथित रूप से टिप्पणी करने का आरोप लगाया था। मतांतरित लोगों का आरोप है कि विधायक ने कहा था अगर ईसा मसीह जीवित हो सकते हैं तो मतांतरितों को कब्रिस्तान की क्यों जरूरत पड़ती है ।
इसके बाद विधायक के खिलाफ मतांतरित समाज के लोगों ने जिले के सभी थानों और चौकियों में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी । पुलिस ने अपनी जांच में कुछ भी आपत्तिजनक होना नहीं पाया और मामला ख़तम कर दिया था । इसके बाद थाने में जब इस मामले में एफआईआर दर्ज नहीं की गई थी, तो कोर्ट में ग्राम ढेगनी निवासी हेरमोन कुजूर ने 10 दिसंबर 2023 को जिला न्यायालय में याचिका दायर की थी। सुनवाई के दौरान उनके अधिवक्ता विष्णु कुजूर ने छह गवाहों के बयान दर्ज कराया और विधायक के भाषण के वीडियो की सीडी अदालत में पेश की थी। न्यायाधीश अनिल चौहान ने याचिकाकर्ता के आरोप को सही माना और पुलिस को प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया है । विधायक रायमुनि भगत को इस मामले में अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस भेजा गया है। 10 जनवरी को कोर्ट में उनकी पेशी है, विधायक को अपना पक्ष रखने के लिए कहा गया है।
