एआई क्षेत्र में नई उड़ान भरने को तैयार छत्तीसगढ़, 500 करोड़ के मुख्यमंत्री एआई मिशन से संवरेगा युवाओं और तकनीक का भविष्य
Spread the loveविशेष लेख – धनंजय राठौर सयुक्त...
Spread the loveविशेष लेख – धनंजय राठौर सयुक्त...
Spread the loveरायपुर। राज्यपाल रमेन डेका से आज...
Spread the love नई दिल्ली, 17 सितंबर ।...
श्रीहरिकोटा (आंध्र प्रदेश), 31 दिसंबर। स्पेस डॉकिंग एक्सपेरीमेंट (स्पैडेक्स) की सोमवार रात सफल लॉन्चिंग के बाद इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (इसरो) प्रमुख सोमनाथ ने कहा कि जनवरी में एनवीएस-02 उपग्रह को जियोसिंक्रोनस सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल (जीएसएलवी) पर लॉन्च करने की तैयारी चल रही है।
स्पैडेक्स की लॉन्चिंग को मील का पत्थर बताते हुए उन्होंने कहा कि अगले साल 100वें प्रक्षेपण की तैयारी चल रही है। जनवरी में एनवीएस-02 उपग्रह को जियोसिंक्रोनस सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल (जीएसएलवी) पर लॉन्च किया जाएगा। यह मिशन अगले साल के लिए निर्धारित मिशनों में से एक है।
इसरो प्रमुख सोमनाथ ने कहा कि 29 मई, 2023 को जीएसएलवी-एफ12 रॉकेट ने एनवीएस-01 उपग्रह को जियोसिंक्रोनस ट्रांसफर ऑर्बिट (जीटीओ) में सफलतापूर्वक लॉन्च किया था। एनवीएस-01 उपग्रह में एक स्वदेशी परमाणु घड़ी है, जो नैविगेशन विद इंडियन कॉन्स्टेलेशन (एनएवीआईसी) की क्षमताओं को बढ़ाती है। एनवीएस-02 मिशन इस प्रगति को जारी रखने की उम्मीद है, जो उन्नत सुविधाओं के साथ एनएवीआईसी प्रणाली को और मजबूत करेगा।
इसरो प्रमुख ने चंद्रयान-4 मिशन के बारे में भी जानकारी दी, जिसमें विभिन्न मॉड्यूल शामिल हैं, जिन्हें अलग-अलग समय पर लॉन्च किया जाएगा और दो अलग-अलग मॉड्यूल में एकीकृत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इन मॉड्यूल को कक्षा में पहुंचने और फिर पृथ्वी की कक्षा और चंद्रमा की कक्षा दोनों में डॉक करने की आवश्यकता है। अंतिम डॉकिंग प्रक्रिया 7 जनवरी को पूरी होने की उम्मीद है।
