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कालिदास सम्मान पद्मश्री अशोक चक्रधर एवं शकुंतला सम्मान अंजुम रहबर को
उज्जैन। विश्व हास्य दिवस के अवसर पर आयोजित अंतर्राष्ट्रीय ठहाका सम्मेलन अपने रजत जयंती वर्ष का भव्य उत्सव आठ दिवसीय ठहाका महोत्सव के रूप में मना रहा है। यह महोत्सव 5 जनवरी से 12 जनवरी तक उज्जैन की कालिदास अकादमी में आयोजित होगा।
अंतर्राष्ट्रीय ठहाका सम्मेलन के संस्थापक एवं संयोजक डॉ. महेन्द्र यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि 11 जनवरी को शाम 6 बजे से कालिदास अकादमी में आयोजित होने वाले इस ऐतिहासिक अंतर्राष्ट्रीय ठहाका सम्मेलन में हिंदी साहित्य की दो यशस्वी हस्तियों को सम्मानित किया जाएगा।
1. अखिल भारतीय कालिदास सम्मान से हिंदी साहित्य के अद्वितीय साहित्यकार एवं कवि पद्मश्री अशोक चक्रधर को अलंकृत किया जाएगा।
2. शकुंतला सम्मान, जो महिला साहित्यकारों को समर्पित एक प्रतिष्ठित सम्मान है, इस वर्ष प्रसिद्ध कवयित्री अंजुम रहबर को प्रदान किया जाएगा।
सम्मानित हस्तियों का परिचय
पद्मश्री अशोक चक्रधर:
डॉ. अशोक चक्रधर हिंदी साहित्य और हास्य-व्यंग्य के प्रसिद्ध स्तंभ हैं। उनकी रचनाएँ न केवल गहराई और गंभीरता से समृद्ध हैं, बल्कि उनमें हास्य और व्यंग्य की अनूठी शैली है। वह मंचीय काव्य के प्रख्यात कवि, लेखक, शिक्षक, और लोकप्रिय वक्ता भी हैं। अशोक जी ने कई साहित्यिक ग्रंथों का सृजन किया है और वे हिंदी साहित्य के विकास में निरंतर योगदान दे रहे हैं।
अंजुम रहबर:
अंजुम रहबर हिंदी और उर्दू कवि सम्मेलन की मशहूर कवयित्री हैं, जिनकी प्रेम, संवेदनशीलता और मानवीय भावना से ओतप्रोत कविताएँ श्रोताओं के हृदय को छू लेती हैं। उनकी काव्य शैली भावप्रवण है और श्रोताओं के बीच अत्यधिक सराही जाती है। वह महिलाओं की समस्याओं और उनकी संवेदनाओं को अपने लेखन में उजागर करती हैं।
अंतर्राष्ट्रीय ठहाका सम्मेलन समिति के डॉ. महेन्द्र यादव, हरिसिंह यादव, ललित लुल्ला, ऋतिक यादव, आशीष खंडेलवाल, विजय तिवारी, राजेंद्र शाह, राहुल प्रजापति, रोहित चौहान, कवि अशोक भाटी, दिनेश दिग्गज, सुरेंद्र सर्किट, और नरेंद्र सिंह अकेला ने आमजन से अपील की है
हास्य और साहित्य के इस अद्वितीय महोत्सव का आनंद लें और इन महान साहित्यकारों को सम्मानित होते देखें।
कला, साहित्य और संस्कृति प्रेमियों से अनुरोध किया है कि वे इस ठहाका महोत्सव में अपने परिवार सहित भाग लें और इस अनूठे आयोजन को सफल बनाएं।
