निप्र, जावरा मध्यप्रदेश के रतलाम जिले के जावरा नगर का एक मात्र शासकीय अस्पताल कई वर्षों से लापरवाही की भेट चढ़ रहा है जिसका बड़ा कारण अस्पताल को लेकर जनप्रतिनिधियों की कमजोर व्यवस्था है,कोरोना काल के समय मे लड़खड़ाती स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सत्ता और विपक्ष ने फोटो सेशन की राजनीति से जनता को सौगाते देकर लुभाया लेकिन ज़मीनी हकीकत जनता के सामने है जहाँ हास्पिटल में पीने के पानी तक कि पर्याप्त व्यवस्था नही है हास्पिटल का नवीन ओपीडी में कार्यरत स्टाफ तक आरओ पानी की एक दस लीटर की केन बुलवाकर पानी पीता है जो कि शाम होते होते खत्म हो जाती है ,कलेक्टर से लेकर सम्भागीय स्वास्थ्य निरक्षण अधिकारी तक अनदेखा निरीक्षण करते है,हॉस्पिटल की हकीकत बया करने से डरती जनता लोकतंत्र को कमजोर कर रही है,कोरोना काल मे दान किए आरओ वाटर कूलर तक अस्पताल प्रबंधन द्वारा लगाए नही गए वही जब वाटर कूलर के बारे में जानकारी ली गई तो कोरोना का बहाना बनाकर टाल दिया गया,तीन लाख की आबादी पर भी अस्पताल के मरीजों को पीने का पानी तक उपलब्ध नही आखिर कौन लेगा इसकी जिम्मेदारी।
