नलखेड़ा ज्वेलरी लूटकांड का पर्दाफाशः नलखेड़ा पुलिस ने 8 आरोपियों को किया गिरफ्तार, 14.125 किलो चांदी बरामद
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उज्जैन। सिंहस्थ 2028 के मद्देनजर शिप्रा शुद्धिकरण के लिए 566 करोड़ रुपए की कान्ह डायवर्शन क्लोज डक्ट परियोजना का काम बारिश बाद दौडऩे लगेगा। फिलहाल जमीन का अस्थाई रूप से अधिग्रहण करने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। कई किसानों ने प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही अपनी जमीन विभाग को दे दी है।शिप्रा नदी को कान्ह (खान) नदी के प्रदूषित पानी से बचाने के लिए मध्यप्रदेश सरकार ने 566.77 करोड़ रुपए की योजना को हरी झंडी दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इसका भूमिपूजन भी कर चुके हैं। जल संसाधन विभाग ने इसका काम शुरू कर दिया है। प्रोजेक्ट के तहत 30.15 किलोमीटर लंबी टनल बनाई जाएगी, जिससे प्रदूषित पानी को शहर से दूर घट्टिया तहसील के अंतर्गत सिंगावदा गांव के पास छोड़ा जाएगा। यह डक्ट 15 गांवों की जमीन के अंदर से होकर गुजरेगी। इसलिए, इन गांवों के किसानों को नोटिस जारी कर जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया की जा रही है।
सभी किसान तैयार, लेकिन नुकसान पर आपत्ति
जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया प्रशासन द्वारा की जा रही है। इसके लिए प्रभावित किसानों को नोटिस जारी किए गए हैं। सभी किसान जमीन देने के लिए तैयार हैं, लेकिन अधिकतर ने खेतों में हो रहे नुकसान की बात उठाई है और बदले में मुआवजे की मांग की है। उज्जैन और घट्टिया तहसील के गांव इस प्रोजेक्ट के दायरे में आ रहे हैं।
कान्ह डायवर्शन क्लोज डक्ट परियोजना की शुरुआत इंदौर रोड स्थित जमालपुरा गांव से होगी और आखिरी सिरा घट्टिया तहसील के गांव सिंगावदा में होगा। जमालपुरा से कोकलाखेड़ी, छायन, पिपलियाराघो, गंगेड़ी, पालखेड़ी, चिंतामन जवासिया, बामोरा, देवराखेड़ी, नलवा, खरेट, अमीरपुर, बड़वाई और अंबोदिया होते हुए सिंगावदा पहुंचेगी।
