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नई दिल्ली । आंध्र प्रदेश सरकार के खिलाफ पूर्व मुख्यमंत्री और वाईएसआरसीपी अध्यक्ष जगनमोहन रेड्डी दिल्ली में जंतर-मंतर पर धरना दे रहे हैं। धरना-प्रदर्शन में यूपी के पूर्व सीएम और समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव भी शामिल हुए। इस दौरान अखिलेश ने कहा कि सरकार बचाने के लिए पैकेज दिया जा रहा है। मंगलवार को जो बजट पेश हुआ है, इस बजट से साफ दिखता है कि मोदी सरकार कितनी कमजोर है। हम लोग किसान के लिए समर्थन मूल्य मांग रहे थे। किसान-गरीब के लिए पैकेज मांगते हैं। लेकिन, यह सरकार उन्हें पैकेज दे रही है, जो सरकार चलवा रहे हैं। बिहार को पैकेज मिला, आंध्र प्रदेश को पैकेज मिला। हम ये नहीं कहते कि पैकेज नहीं मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि डेवलपमेंट, इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए पैसा मिले, लेकिन दूसरे प्रदेशों के साथ भेदभाव न किया जाए। उत्तर प्रदेश को क्यों नहीं पैकेज मिला? बिहार की बाढ़ रोकनी है, तब भारत सरकार को नेपाल से बात करनी पड़ेगी। लेकिन, मोदी सरकार अगर उत्तर प्रदेश की बाढ़ रोकती है, तब बिहार की बाढ़ भी रुक जाएगी। जो एक्सप्रेसवे बिहार को दिया गया है, उस एक्सप्रेसवे को अगर यूपी से भी जोड़ दिया जाता तब ज्यादा बेहतर होता। हम किसी को पैकेज देने के खिलाफ नहीं हैं। लेकिन, उत्तर प्रदेश के साथ भेदभाव स्वीकार नहीं होगा। अखिलेश ने कहा कि मोदी सरकार ने 10 साल में नौजवानों की नौकरी और वेतन छीनी। अब आप युवाओं को पांच हजार की नौकरी देना चाहते हैं, वहां भी तब जब सरकारी कर्मचारी आठवां वेतन आयोग लागू करने की मांग कर रहे हैं। सरकारी कर्मचारी महंगाई को देखकर आठवां वेतन आयोग लागू करने की मांग कर रहे हैं और केंद्र सरकार पांच हजार रुपये की नौकरी दे रही है। वहीं नीट मामले पर उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के आगे हम क्या ही कह सकते हैं? लेकिन ये बात मन में आती है कि एक ही सेंटर पर इतने कैसे पास हो रहे हैं।
