डॉ. निखिल जोशी
अर्थशास्त्री
मध्यप्रदेश की मोहन यादव सरकार ने आज विधानसभा में वर्ष 2024-25 के लिए लेखानुदान प्रस्तुत कर दिया । इसमें विभिन्न विभागों को व्यय करने हेतु अप्रैल से जुलाई 2024 तक राशि का आवंटन किया गया । यह लेखानुदान उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने प्रस्तुत किया । लोकसभा चुनाव के पश्चात राज्य सरकार जुलाई में पूर्ण बजट प्रस्तुत करेगी ।
इस लेखानुदान का कुल आकार 145000 करोड़ रुपए है । इस लेखानुदान में कुल राजस्व प्राप्तियां 252268 करोड़ रुपए, राज्य कर से प्राप्तियां 96553 करोड़ रुपए , गैर कर राजस्व प्राप्तियां 18077 करोड़ रुपए , राजस्व व्यय 251825 करोड़ रुपए है । इस लेखानुदान को चार माह बाद पेश होने वाले मुख्य बजट में शामिल कर दिया जाएगा । इस लेखानुदान में करारोपण संबंधी कोई प्रस्ताव नहीं है और न ही व्यय के लिए नई मदों को लिया गया है ।
इस लेखानुदान में विभिन्न योजनाओं जैसे लाड़ली लक्ष्मी , लाड़ली बहना , किसानों के लिए योजनाएं ,अनुसूचित जाति , जनजाति पिछड़ा वर्ग की छात्रवृत्ति , मेधावी विद्यार्थी योजना , केन – बेतवा योजना में राज्य सरकार का अंशदान आदि को शामिल किया गया है । विकास कार्यों, आधारभूत संरचना के विकास जैसे कि सात एक्सप्रेस वे का निर्माण शामिल है। इसके अतिरिक्त रानी दुर्गावती श्री अन्न प्रोत्साहन योजना , विशेष पिछड़ी जनजाति बहुल क्षेत्र में आवास निर्माण योजना भी महत्वपूर्ण है ।
केंद्र में मोदी सरकार का लक्ष्य भारत को सन 2047 तक विकसित देशों की श्रेणी में लाने का है । इसमें मध्यप्रदेश राज्य सरकार भी अपना योगदान देना चाहती है । इसके अतिरिक्त मोहन यादव सरकार को वर्ष 2028 में उज्जैन में होने वाला सिंहस्थ भी दिखाई दे रहा है । इसके लिए भी विशेष तैयारी आवश्यक होगी । इस लेखानुदान के लिए यह कहा गया कि डबल इंजन की सरकार और मोदी की गारंटी से मध्यप्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों को छूएगा ।
लेकिन इस लेखानुदान में सब कुछ अच्छा ही नहीं है । विपक्ष ने यह आरोप लगाया है कि जब वर्ष 2023-24 की बजट राशि ही पूर्ण रूप से व्यय नहीं हुई है , तब ऐसी स्थिति में राज्य के ऊपर नया कर्ज क्यों लादा जा रहा है । मध्यप्रदेश की मोहन यादव सरकार के समक्ष चुनौतियां तो बहुत हैं लेकिन अवसर भी कम नहीं हैं । इस लेखानुदान की जानकारी सदस्यों को पेन ड्राइव में दी जाएगी । जुलाई में प्रस्तुत होने वाले बजट में सदस्यों को टैबलेट दिए जाएंगे । कह सकते हैं कि यह लेखानुदान पेन ड्राइव से टैबलेट तक की यात्रा तय करेगा । यह जानना भी रोचक होगा कि अभी लेखानुदान की पेन ड्राइव में दी गई जानकारी और आंकड़े किस रूप में पूर्ण बजट में टैबलेट में स्थानांतरित होते हैं ।
*(लेखक शासकीय कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय , दशहरा मैदान , उज्जैन में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष हैं ।)*
